बोर्ड परीक्षा से पहले सफलता का स्मार्ट स्टडी प्लान

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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बीते दिनों परीक्षा पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कुशल मनोवैज्ञानिक की भांति विद्यार्थियों से परीक्षा पर चर्चा की, उन्होंने सीधे परीक्षा तनाव पर चर्चा करने के बजाय छात्रों के जीवन व उनके क्षेत्र से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा किया, जिससे छात्र उनसे सीधे जुड़ सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर छात्र अद्वितीय है उनकी अपनी क्षमता, विशेषता, जीवनशैली, सोचने समझने का ढंग अलग-अलग होता है इसलिए विद्यार्थियों का परीक्षा की तैयारी का तरीका अलग-अलग हो सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी परीक्षा की तैयारी अपने ढंग से करनी चाहिए, सभी के सुझाव को सुनना चाहिए, किंतु अपने तैयारी का पैटर्न अपने अनुभव के अनुसार तय करना चाहिए।

यूपी बोर्ड एग्जाम के कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। इन दिनों में परीक्षार्थियों को विशेष ध्यान रखते हुए परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। आइए आज आपको बताते हैं, कुछ महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी सुझाव, जिन्हें अपनाकर आप परीक्षा में अच्छे नंबर ला सकते हैं।-डॉ. मनोज कुमार तिवारी, बीएचयू

सिलेबस के अनुसार बनाएं स्टडी प्लान

सबसे पहले एक सरल और व्यवहारिक टाइम टेबल तैयार करें। यह बहुत जटिल नहीं होना चाहिए। दिन के अलग-अलग समय के अनुसार विषय तय करें। सुबह का समय पढ़ाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, इसलिए इस समय कठिन विषयों का अध्ययन करें। दोपहर में हल्के टॉपिक और शाम के समय रिवीजन पर ध्यान दें।

जरूरी टॉपिक पर करें फोकस 

जब बोर्ड परीक्षा में कुछ ही दिन शेष हों, तब नया पाठ्यक्रम शुरू करने के बजाय महत्वपूर्ण अध्यायों पर ध्यान देना समझदारी है। सिलेबस में शामिल मुख्य चैप्टर और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करें। जिन टॉपिक से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं, उन्हें अच्छी तरह तैयार करें। अगर कोई अध्याय पूरा नहीं आता है, तो उसे छोड़ने के बजाय उसके आसान हिस्सों को जरूर पढ़ लें।

प्रश्नों की लिखकर करें प्रैक्टिस

पढ़ी हुई सामग्री को बार-बार दोहराना बहुत जरूरी है। रोजाना कम से कम एक बार रिवीजन करें। साथ ही लिखकर अभ्यास करने से उत्तर लेखन की गति बढ़ती है और परीक्षा के समय समय-प्रबंधन में मदद मिलती है। गणित, विज्ञान और अकाउंट्स जैसे विषयों में यह तरीका विशेष रूप से लाभकारी होता है।

मॉक टेस्ट देना न भूलें

पुराने प्रश्नपत्र और फुल मॉक टेस्ट बोर्ड परीक्षा की तैयारी का सबसे बेहतर साधन हैं। छात्रों को सप्ताह में कम से कम दो से तीन फुल-लेंथ मॉक टेस्ट देने चाहिए। इससे परीक्षा के माहौल की आदत बनती है। टेस्ट के बाद अपनी गलतियों को समझें और उन्हें सुधारने पर काम करें।

तनाव से दूर रहें, बनाए रखें आत्मविश्वास

परीक्षा से पहले घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन अत्यधिक तनाव पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। छात्रों को खुद पर भरोसा रखना चाहिए। पूरे साल की गई मेहनत अंतिम समय में जरूर रंग लाएगी।


 

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