राज्यसभा : सत्ता पक्ष ने बताया विकसित भारत का बजट, विपक्ष ने लगाया आम लोगों की अनदेखी का आरोप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे विकसित भारत का बजट बताया जबकि विपक्ष ने इसमें आम लोगों की अनदेखी का आरोप लगाया। महाराष्ट्र से शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बजट में बुजुर्गों की अनदेखी की गयी है। अनुमान है कि 2050 में करीब 30 करोड़ देशवासी 60 साल से अधिक उम्र के होंगे। रेल किराये में उन्हें दी जाने वाली रियायत कोराना के समय में समाप्त की गयी थी जिसे अब तक बहाल नहीं किया गया है।

उन्होंने इलाज पर होने वाले खर्च पर आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने की मांग की। राजस्थान से भाजपा के मदन राठौर ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के समय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 98 अरब डॉलर था जो अब बढ़कर 165 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा मोबाइल निर्माता बना है। परमाणु उर्जा क्षमता 4,780 मेगावाट से बढ़कर 8880 मेगावाट हो गयी। मौजूदा सरकार ने नये एम्स, आईआईटी और एयरपोर्ट बनाये।

राजमार्ग निर्माण 12 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 28 किमी प्रतिदिन पर पहुंच गया। सरकार ने विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाये। कर्नाटक से कांग्रेस के जी.सी. चंद्रशेखर ने कहा कि अमेरिका के साथ समझौते से मेक इंडिया को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि "अच्छे दिन" और "अमृतकाल" का असर यह हुआ कि साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी के खाते में 295 करोड़ रुपये थे जो अब बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया है, एक कारोबारी जिसका नेटवर्थ 44,000 करोड़ रुपये था अब 12-13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, लेकिन किसानों की आय अब तक दोगुनी नहीं हुई।

बजट को कॉरपोरेट के हित में बताते हुए श्री चंद्रशेखर ने कहा कि साल 2014 से पहले भी दुनिया में भारत का सम्मान था, भारत 2014 से पहले भी निर्यात करता था और भारत का आई टी सेक्टर 2014 से पहले भी एक वैश्विक पावरहाउस था। बिहार से भाजपा के शंभू शरण पटेल ने कहा कि यह बजट साल 2047 तक भारत को विकासशील देश से विकसित देश बनाने वाला है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और कुछ ही साल में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा।

मखाना बोर्ड के लिए 3,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिससे बिहार से किसान-मजदूर लाभांवित होंगे। राज्य में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। पांच नये एक्सप्रेस-वे और सात वंदे भारत एक्सप्रेस देने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 50 साल में एक एम्स दिया था। वाजपेयी जी की सरकार ने सात एम्स दिये और मोदी सरकार ने उसे बढ़ाकर 22 कर दिया। गुजरात से भाजपा के मयंक कुमार नायक ने कहा कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए यह बजट पेश किया गया है। पिछले 11 साल में गांवों में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा पहुंचाने के लिए सरकार ने योजना बनायी।

इस बजट में यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और विकसित भारत 'जी-राम-जी' योजना के तहत गांवों के लोगों को रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि 11 साल में गुजरात के लिए बजट आवंटन 30 गुना हुआ है। गुजरात से ही भाजपा के केसरी देवसिंह झाला ने बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं संकट में हैं तब भारत अपना परचम लहरा रहा है। जब पूरी दुनिया में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दो-तीन प्रतिशत के बीच है, चीन भी चार-पांच प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, भारत सात प्रतिशत से ज्यादा की दर से बढ़ रहा है।

केरल से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी. ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में केरल के लिए कुछ नहीं किया गया है। यदि केंद्र सरकार को केरल के 100 रुपये की आमदनी होती है तो बजट में कम से कम 50 रुपये वापस दिये जाने चाहिये, लेकिन सिर्फ 25 रुपये केरल को वापस मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिये। उत्तर प्रदेश से भाजपा सदस्य अमर पाल मौर्य ने 2026-27 के बजट को अंत्योदय का बजट और गरीब कल्याण का बजट बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को जब राष्ट्रपति संबोधित कर रही थीं तो विपक्षी दलों ने उस समय इसलिए विरोध किया क्योंकि वह एक गरीब परिवार की आदिवासी महिला हैं। उत्तर प्रदेश से भाजपा की सीमा द्विवेदी ने बजट को 2047 के विकसित भारत की नींव बताते हुए कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना से गांवों के बुनकरों और हस्तशिल्पियों को काफी लाभ होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी एक आयुर्वेदिक संस्थान बनाने की मांग की।

त्रिपुरा से भाजपा के राजीब भट्टाचार्जी ने कहा कि पिछले 11 साल में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 19 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत पर पहुंच गया। सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। शिक्षा बजट में 14 प्रतिशत और स्वास्थ्य बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। पूर्वोत्तर में रेल संपर्क बढ़ाने के लिए 11,486 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मध्य प्रदेश से भाजपा के बंसीलाल गुर्जर ने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, किसान, महिलाओं को सशक्त बनाने का बजट है। किसान मोदी सरकार के एजेंडे में पहले स्थान पर है। पिछले 11 साल में जो योजनाएं सरकार लायी है उनके माध्यम से किसान सशक्त हो रहा है। इस दौरान कृषि के लिए बजट आठ गुना किया गया है।

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