बाराबंकी : बिठूर का पावन जल, कंधों पर विश्वास का कांवर..,पीढ़ियों से निभ रही परंपरा
रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। लोधेश्वर महादेवा में चल रहे फागुनी मेले में इन दिनों आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। दूर-दराज जिलों से कांवरियों के जत्थे डीजे की भक्ति धुनों पर नाचते-गाते मंदिर पहुंच रहे हैं। इस बार नन्हे बच्चे भी बढ़-चढ़कर कांवर यात्रा में भाग ले रहे हैं, जिससे मेले का माहौल और भक्तिमय हो उठा है।
पीढ़ियों से परंपरा निभाते कांवरिये रंग-बिरंगी झालरों से सजी कांवर कंधों पर रखे, पैरों में माहुर लगाए और घुंघरू बांधे भक्ति में लीन होकर सड़क मार्गों से मंदिर की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। श्रद्धालु पहले बोहनिया व अभरण सरोवर तालाब में स्नान कर क्षमा याचना करते हैं, इसके बाद शिवलिंग का जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगते हैं।

कानपुर देहात के ग्राम महमूदपुर से महंत कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में हेमंत, अमन, दीपक राजपूत, नीरज, बृजबिहारी, सुधीर, कमलेश, नेहा, पूजा व संध्या पाल सहित 16 श्रद्धालुओं का जत्था 8 फरवरी की शाम बिठूर घाट से जल भरकर रवाना हुआ। बुधवार देर रात महादेवा पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मेला बाग में भंडारा कर पूरी-सब्जी का प्रसाद वितरित किया।
महंत ने बताया कि उनका जत्था पिछले 15 वर्षों से लगातार कांवर यात्रा कर रहा है और भोले बाबा की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती रही हैं। इसी क्रम में औरैया के ग्राम पूराकला से महंत श्रवण कुमार कश्यप के नेतृत्व में विनोद कुमार, श्याम सुंदर तिवारी, गिरजा शंकर, सुरेंद्र शर्मा व श्यामू सहित श्रद्धालु बिठूर से जल भरकर महादेवा पहुंचे। यह जत्था लगभग 30 वर्षों से कांवर लेकर आ रहा है।

कानपुर के जाजमऊ घाट से भी 9 फरवरी को जल भरकर निकला एक जत्था महादेवा पहुंचा। महंत कुलदीप ने बताया कि पिछले 17 वर्षों से देशराज, अंकित, धीरज, अमन, बच्चा लाल सहित करीब 40 कांवरिया इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। श्रद्धालु डीजे की भक्ति धुनों पर कांवर कंधे पर रखे झूमते-थिरकते मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए।
मेला बाग में जगह-जगह कांवरिया विश्राम कर रहे हैं और भक्ति गीतों पर नाच-गाकर वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना रहे हैं। समाजसेवियों व शिव भक्तों द्वारा जगह-जगह भंडारे आयोजित कर श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। फागुनी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा नजर आ रहा है।

भीड़ कम होने से रौनक फीकी
रामनगर: लोधेश्वर महादेवा के फागुनी मेले में हवन-पूजन के बाद श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर अपने घरों को लौट रहे हैं। पिछले दो दिनों से भीड़ अपेक्षाकृत कम रहने के कारण मेले की रौनक फीकी नजर आ रही है। दुकान लगाए बैठे दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी साफ दिखाई दे रही है। दुकानदारों का कहना है कि वे पूरे वर्ष इस मेले का इंतजार करते हैं, लेकिन इस बार बिक्री प्रभावित हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो किराया और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
हालांकि उन्हें अब भी उम्मीद है कि शादी-विवाह के कार्यक्रमों के चलते फिलहाल कांवरिया कम रुक रहे हैं और महाशिवरात्रि से पहले भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, जिससे कारोबार में तेजी आएगी। उधर, मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। पुलिस फोर्स के साथ बम निरोधक दस्ता भी तैनात है। पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत और कोतवाल अनिल कुमार पांडेय लगातार मेले का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों ने मातहतों को सतर्क रहकर ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए हैं।
