Bareilly: बरेली की बर्फी की ब्रांडिंग को उद्योग विभाग ने खींचा खाका
बरेली, अमृत विचार। एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत बरेली की बर्फी की ब्रांडिंग के लिए जिला उद्योग केंद्र ने खाका तैयार किया है। इस मिठाई को और प्रसिद्ध करने के लिए विभाग अब इस पर एक करोड़ रुपये खर्च करेगा। स्थानीय स्तर पर पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकें। इससे मिठाई से जुड़े कारोबारी को सीधा लाभ जहां होगा वहीं, मिठाई कारीगरों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
दरअसल, एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत इस वर्ष बजट में कुल 75 करोड़ रुपये का प्रदेश के लिए प्रावधान किया गया है। योजना के अनुसार प्रदेश के सभी 75 जिलों को एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। इसी क्रम में बरेली जिले के लिए बर्फी को आधिकारिक व्यंजन के रूप में चयनित किया गया है। बरेली की बर्फी को लेकर आमजन में खासा उत्साह है। कई लोग इसे बॉलीवुड फिल्म बरेली की बर्फी से जोड़कर भी देखते हैं, जिससे इस मिठाई को एक अलग पहचान मिली है।
हालांकि जिला उद्योग विभाग का कहना है कि चयन का मुख्य आधार फिल्म नहीं, बल्कि जिले में बर्फी के उत्पादन, मांग और रोजगार की संभावनाएं हैं। अधिकारियों के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित मिष्ठान विक्रेता वर्षों से स्वादिष्ट बर्फी तैयार कर रहे हैं, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, पैकेजिंग सुधारने और बाजार विस्तार जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
उत्पादन से पैकेजिंग तक होगा विस्तार
योजना के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग बर्फी निर्माण से जुड़े कारीगरों और व्यापारियों को प्रोत्साहित करने में किया जाएगा। संभावित कदमों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना होगा। साथ ही पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार, मार्केटिंग नेटवर्क का विस्तार, गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाना होगा। इन पहलों से बरेली की बर्फी को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठित ब्रांड के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय कर रहा शोध
इतना ही नहीं एक जिला एक व्यंजन योजना में इस पहल को शैक्षणिक स्तर पर भी काफी समर्थन मिल रहा है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से बर्फी से संबंधित शोध किया जा रहा है। इसके पीछे विश्वविद्यालय की मंशा है कि इसके इतिहास, गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक और बाजार संभावनाओं का अध्ययन किया जा सके। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इससे इस क्षेत्र में कार्यरत लोगों की आय बढ़ने, नए उद्यम शुरू होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है।
एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत कारोबारियों को सीधा लाभ होगा। इसके लिए एक करोड़ रुपया आवंटित किया गया है। शासन एसओपी तैयार कर रहा है। इसके बाद साफ होगा कि आवंटित बजट का उपयोग किस तरह किया जाएगा। हालाकि, बर्फी बनाने वाले कारीगरों को पहले से ही विश्वकर्मा योजना के तहत हलवाई श्रेणी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विकास यादव, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र
