यूपी में होमस्टे पर्यटन योजना से बढ़ा रोजगार, ग्रामीण पलायन रुका
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में पर्यटन के बढ़ते प्रभाव के साथ ही आम परिवारों के घर भी आय का नया स्रोत बन रहे हैं। प्रदेश की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) और होमस्टे पॉलिसी-2025 के तहत लोग अपने खाली कमरों को पर्यटकों को किराये पर देकर अतिरिक्त आमदनी कर रहे हैं। सरकार पंजीकरण, प्रशिक्षण और प्रचार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। इस पहल से ग्रामीण पलायन रुका है और कई लोग अब घर वापसी कर रोजगार कर रहे हैं।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पिछले छह महीनों में होमस्टे प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी आई है। फरवरी 2026 तक 1,700 से अधिक लोगों ने आवेदन किया, जिनमें से करीब 700 होमस्टे को आधिकारिक प्रमाणपत्र मिल चुका है। जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक प्रमाणपत्रित होमस्टे की संख्या लगभग 150 थी, जो अब बढ़कर लगभग 700 हो गई है। केवल जनवरी में ही 400 से अधिक प्रमाणपत्र जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और बी एंड बी योजना के तहत 1 लाख से अधिक कमरों की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है। अपर मुख्य सचिव, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि योजना आम परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने में सहायक है।
