Moradabad: तुमड़िया डैम में सिल्ट व गाद जमाव से सिंचाई पर संकट

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। उत्तराखंड के जसपुर क्षेत्र में स्थित तुमड़िया डैम में सिल्ट व गाद जमा होने से सिंचाई व्यवस्था पर संकट गहराता जा रहा है। डैम की जलधारण क्षमता में निरंतर कमी आ रही है, जिससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है।

2000 से पूर्व यह डैम उत्तर प्रदेश के अधीन था। प्रदेश का बंटवारा होने के बाद इसकी अधिकतर जिम्मेदारी उत्तराखंड पर है। इसी डैम से जनपद मुरादाबाद के साथ-साथ जनपद रामपुर क्षेत्र के किसानों को नहरों के माध्यम से फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाता है। काफी समय से डैम की सफाई न होने के कारण डैम में सिल्ट व गाद जमा हो गई है। इस कारण डैम में पानी रोकने की क्षमता घट गयी है। 

गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा 174 करोड़ रुपये की विस्तृत सुधार योजना तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यदि समय रहते गाद निकासी और संरचनात्मक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में डैम की उपयोगिता और अधिक प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार कर शासन की स्वीकृति हेतु भेजी जा रही है। मंजूरी मिलते ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार तुमड़िया डैम में वर्षों से गाद निकासी न होने के कारण जलाशय की गहराई कम हो गई है। बरसात के मौसम में जलभराव की क्षमता घटने से अतिरिक्त पानी डैम से बाहर बह जाता है, वहीं गर्मी के दिनों में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं हो पाता। इसका सीधा असर क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पर पड़ रहा है।

प्रस्तावित योजना के तहत किए जाएंगे कई संरचनात्मक सुधार
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित योजना के तहत डैम से गाद की व्यापक सफाई, जलधारण क्षमता बढ़ाने, तटबंधों की मजबूती, स्लुइस गेटों की मरम्मत तथा अन्य संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल डैम की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।

संबंधित समाचार