बाराबंकी : ‘हर-हर बम-बम’ के जयघोष से शिवमय हुआ महादेवा, कई जिलों से पहुंच रहा कांवरियों का जत्था
रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा का फाल्गुनी मेला अब धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ने लगा है। मेला क्षेत्र में हर-हर बम-बम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो चला है। दूर-दराज जनपदों से पैदल और विभिन्न वाहनों के माध्यम से पहुंच रहे कांवरिये पूजन-दर्शन के उपरांत मेला बाग में विश्राम कर रहे हैं।
कानपुर, बिठूर, उरई, जालौन, झांसी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, महोबा सहित कई जिलों से कांवरियों के जत्थे कंधों पर कांवर लेकर लोधेश्वर महादेव धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कई जत्थे डीजे पर बज रही भक्ति धुनों पर नाचते-गाते हुए धाम पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आ रहा है।
शनिवार को कानपुर व उन्नाव क्षेत्र के औरास-बांगरमऊ से 22 कांवरियों का एक जत्था लोधेश्वर महादेव के बोहनिया तालाब पहुंचा। यहां स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर भगवान शिव से क्षमा याचना की। जत्थे के महंत गुरुकर्ण और अमरनाथ ने बताया कि वे गुरुवार की रात बिठूर से जल भरकर पैदल यात्रा पर निकले थे और भोलेनाथ की कृपा से सकुशल धाम पहुंच गए।

उन्होंने कहा कि महादेव के दर्शन मात्र से ही यात्रा की थकान और शारीरिक पीड़ा दूर हो जाती है। जत्थे में शामिल संतोष, सुजीत, झब्बू, अमन, प्रदीप, अवनी और शिवांश ने बताया कि वे पिछले लगभग 13 वर्षों से लगातार कांवर यात्रा कर रहे हैं और भोलेनाथ की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती रही हैं।
उधर उन्नाव के औरास क्षेत्र के बहरौली गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली में लगभग 40 महिला-पुरुष श्रद्धालुओं का एक जत्था भी लोधेश्वर धाम पहुंचा। पूजन-दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मेला क्षेत्र में भंडारे का आयोजन किया, जहां जत्थे के सदस्य स्वयं पूरी-सब्जी बनाकर प्रसाद तैयार कर श्रद्धालुओं को वितरित कर रहे हैं। मेले में बर्तन, कपड़े, खिलौने और खाद्य सामग्री की दुकानों से बाजार भी सज गया है। श्रद्धालु पूजन-दर्शन के साथ खरीदारी भी करते नजर आ रहे हैं।
मेले में अव्यवस्था हावी, श्रद्धालु परेशान
रामनगर : सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव में चल रहे फगुनी कांवरिया मेले में प्रशासन बेहतर व्यवस्थाओं का दावा कर रहा है, लेकिन मेला मैदान की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को निरीक्षण कर समस्या दूर कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन शनिवार तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लोधौरा चौराहे से मेला मैदान तक मार्ग कीचड़ और जलभराव से भरा है, जबकि मोबाइल टॉयलेट गंदगी और पानी की कमी के कारण अनुपयोगी हैं।

अस्थायी शौचालयों के आसपास भी जलभराव फैला हुआ है, जिससे श्रद्धालु और दुकानदार दोनों परेशान हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए कराई गई बोरिंग अभी तक चालू नहीं हुई, और पानी के टैंकर खाली पड़े हैं। पुलिस चौकी के पूरब रैनबसेरा जर्जर हालत में है, वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़क भी दूसरे ही दिन उखड़ने लगी है, जिससे नंगे पैर आने वाले कांवरियों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त नहीं की गईं तो मेले में परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
