कारोबार : निर्यात ऑर्डर रिलीज, नए टैरिफ पर ट्रेड शुरू, कानपुर के निर्यात युनिट्स में लौटा उत्साह
कानपुर, अमृत विचार। अमेरिका की ओर से ट्रेड डील खोल दी गई है। अब शहर से अमेरिका के रुके उत्पादों का निर्यात शुरू हो गया है। हाल ही में अमेरिका की ओर से टैरिफ घटाए जाने के बाद निर्यातकों की ओर से खरीदारों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। डील खुलने के बाद शहर से लगभग 5 सौ करोड़ रुपये के ऑर्डर अगले तीन महीनों मे अमेरिका पहुंचने शुरू हो जाएंगे।
शहर से अमेरिका को सबसे अधिक लेदर, लेदर के उत्पाद, गारमेंट्स, होजरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित अन्य उत्पादों का निर्यात होता है। यह निर्यात कारोबार लगभग 25 सौ करोड रुपये के आस-पास है। अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद शहर का निर्यात कारोबार लगभग बंद हो गया था। अब अमेरिका की ओर से टैरिफ घटाए जाने के बाद डील खोलने पर अब एक या दो दिन में रुके हुए ऑर्डर सबसे पहले रिलीज हो सकेगे।
यह वह ऑर्डर है जो टैरिफ लगने के बाद तुरंत ही अधिक टैक्स की वजह से रुक गए थे। शहर के निर्यात कारोबार पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑग्रनाईजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया गया कि टैरिफ घटाए जाने के बाद डील की शर्तें भी जारी हो गई है। इस तरह से अब शहर से अमेरिका के लिए रुका हुआ निर्यात कारोबार दोबारा शुय हो सकेगा।
प्रतियोगिता में प्रोडक्ट
अमेरिका की ओर से 18 परसेंट टैरिफ किए जाने के बाद शहर के उत्पाद कई देशों के मुकाबले अमेरिका में सस्ते होंगे। ऐसी स्थिति में निर्यातकों को अमेरिका की बाजार में ब्रेक के बाद उतारने में अन्य देशों के निर्यातकों के मुकाबले सहूलियत होगी। फिलहाल निर्यातक नए टैरिफ का उत्पादन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए बाजार हाल समझ रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे नए ऑर्डर हासिल करने के लिए निर्यातकों को अन्य देशों के निर्यातकों के मुकाबले सहूलिया हासिल होगी।
बजट का रहेगा असर
अमेरिका की ओर से टैरिफ पर छूट केंद्रीय बजट के तुरंत बाद हासिल हुई है। ऐसी स्थिति में निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार केंद्रीय बजट में भी निर्यातकों को कई छूट हासिल हुई है। बजट से मिली सहूलियत का भी असर निर्यात किए जाने वाले उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा। इस तरह से शहर के निर्यातकों को ग्लोबल मार्केट में और खास तौर से अमेरिका में गला काट टैक्स के बीच अपने उत्पादों को सस्ती कीमत पर ऑफर करने की सहूलियत हासिल हो सकेगी। इसके अलावा ओवरऑल टैक्स का वैल्यूएशन करने के बाद निर्यातक नए ऑर्डर के लिए रेट ऑफर कर सकेंगे।
बढ़ सकता है कारोबार
अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत का कई बड़े देशों के साथ व्यापारिक करार हो चुका है। इनमें यूरोपीय संघ के साथ हुए करार को 'मदर ऑफ एफटीए' माना जा रहा है। इस स्थिति में नया बाजार तलाश रहे निर्यातकों को अमेरिका की ओर से लगाए जाने वाले टैरिफ के पहले की स्थिति से बेहतर स्थिति फिलहाल बाजार के रूप में हासिल हुई है। ऐसे मैं निर्यात विशेषज्ञ यह मानकर चल रहे हैं कि आने वाले समय में शहर का निर्यात कारोबार लगभग 10 हजार करोड रुपए से बढ़ेगा। इनमें भारत की ओर से हाल ही में किए गए व्यापारिक समझौता की बड़ी भूमिका होगी।
कारीगरों के चेहरे पर मुस्कान
अमेरिका की ओर से टैरिफ में दी गई छूट के बाद मंगलवार को लेदर सेक्टर में खास उत्साह रहा। 6 महीने से अमेरिका का निर्यात कारोबार कम होने से सबसे अधिक परेशानी इस सेक्टर में काम करने वाले कारीगरों को रही थी। उत्पादन कम होने की वजह से लगातार इन कारीगरों के पास काम काम आ रहा था। अब औद्योगिक क्षेत्र में इन कारीगरों के पास जल्द ही दोबारा काम आने की संभावना काफी बढ़ गई है। इनमें खास तौर पर लीटर सेक्टर में काम करने वाले ऐसे कारीगर जो मशीन के बजाय हाथ से लेदर पर मोटी सिलाई और डिजाइन बनाने का काम करते हैं उनमें सबसे अधिक रहता है।
- 10 हजार करोड़ का शहर से होता है कुल निर्यात
- 65 सौ करोड़ का लेदर सेक्टर से होता निर्यात
- 25 सौ करोड़ रुपए का अमेरिका को होता था निर्यात
- 80 फ़ीसदी लेदर सेक्टर का कारोबार हुआ था प्रभावित
- 129 छोटे निर्यातक बुरी तरह हुए थे प्रभावित
- 60 फीसदी अमेरिका को वापस शुरू हो सकता है निर्यात
