फर्जी आईबी अफसर गिरफ्तार, पुलिस, शिक्षा और राजस्व विभाग में अवैध कार्य कराने का बना रहा था दवाब

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के फर्जी डिप्टी डायरेक्टर को एसटीएफ ने बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से आईबी और एनएसए दिल्ली के फर्जी कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोप है कि गिरफ्तार अभियुक्त मनोज चौहान खुद को आईबी का अफसर बताकर पुलिस और प्रशासन के अफसरों पर अवैध कार्य कराने का दवाब बना रहा था।

एसटीएफ प्रवक्ता के मुताबिक, सूचना मिली कि पिछले कुछ दिनों से मनोज चौहान नामक व्यक्ति खुद को आईबी का डिप्टी डायरेक्टर बता कर बिजनौर में घूम रहा है। वह पुलिस, राजस्व और शिक्षा समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों तक को फोन कर अवैध कार्य कराने का दबाव बनाता है। सभी से खुद को आईबी का डिप्टी डायरेक्टर बनाकर ही मुलाकात भी करता है। वह सफेद रंग की इंगनिस कार लेकर चलता है।

एसटीएफ ने दिल्ली स्थित इंटेलीजेंस विभाग में संपर्क किया तो पता चला कि बिजनौर में किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं की गई है। इसके बाद एसटीएफ के एडीशनल एसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने टीम के साथ बिजनौर में डेरा डाल दिया। शुक्रवार की रात को उन्हें पता चला कि कथित आईबी अधिकारी बिजनौर के कस्बा धामपुर स्थित साकेत बिहार कालोनी में है। एसटीएफ ने जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पहले तो उसने एसटीएफ को भी दबाव में लेने का प्रयास किया, लेकिन एक नहीं चली। उसके गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो वह टूट गया। उसने अपना नाम मनोज चौहान पुत्र नरेन्द्र सिंह चौहान निवासी त्रिलोकवाला, थाना नगीना बताया। मौजूदा समय में वह कस्बा धामपुर के मोहल्ला साकेत बिहार कालोनी में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल, आईबी और एनएसए दिल्ली के दो फर्जी परिचय पत्र और एक कार यूपी 20 सीएच 6789 को बरामद किया है। एसटीएफ ने थाना धामपुर में मुकदमा कायम कर गिरफ्तार कर लिया।

एमएससी पास अभियुक्त चलाता है मेडिकल एजेंसी

गिरफ्तार अभियुक्त मनोज चौहान एमएससी है। उसकी पत्नी के नाम पर अपोलो मेडीकल एजेंसी का लाइसेंस है, जिसे वह चलाता है। अभियुक्त के गांव में उसके पिता एक जूनियर हाईस्कूल चलाते हैं। उसने गांव वालों और परिचितों को बता रखा था कि वह आईबी में डिप्टी डायरेक्टर बन गया है। पढ़ा-लिखा था तो गांव वालों को भी उसकी बातों पर भरोसा हो गया।

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