आजमगढ़ दीवानी न्यायालय परिसर में बम धमकी से हड़कंप, 3 घंटे चली सघन जांच
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ दीवानी न्यायालय परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जिला जज को परिसर में बम विस्फोट करने की धमकी मिलने की सूचना प्राप्त हुई। न्यायालय खुलते ही सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन पूरे न्यायालय परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया।
अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और फरियादियों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए। किसी भी व्यक्ति के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई और चारों ओर पुलिस बल की तैनाती कर घेराबंदी कर दी गई। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम ने न्यायालय परिसर के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया।
करीब तीन घंटे तक चली गहन जांच के बाद कहीं भी कोई बम या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद डॉग स्क्वायड की टीम को वापस भेज दिया गया। जांच के दौरान न्यायालय परिसर के बाहर सड़कों पर अधिवक्ता और फरियादी मौजूद रहे। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि न्यायालय से प्राप्त सूचना के आधार पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान के लिए गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीमें तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। घटना के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि अनधिकृत वाहनों को पहले ही परिसर से हटवाया जा चुका है, लेकिन प्रवेश द्वारों पर लगाई गई डिटेक्टर मशीन अब तक चालू नहीं हो सकी है। बम धमकी के चलते फरियादियों की सुनवाई प्रभावित हुई, जिसके बाद जिला जज जयप्रकाश पांडेय से वार्ता कर सभी मामलों की अगली तारीख 21 फरवरी तय की गई। बार अध्यक्ष ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे न्यायालय आने पर सतर्क रहें और अपने आसपास विशेष ध्यान रखें।
