यूपी बजट सत्र : केशव मौर्य बोले- सभी को बेहतर इलाज देना सरकार का लक्ष्य

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को बजट सत्र 2026-27 के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकार की नीतियों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका अच्छा स्वास्थ्य" के मंत्र के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिन जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेजों में विलय किया गया है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला अस्पतालों में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि जहां एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, वहां निजी क्षेत्र की साझेदारी से मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गरीबों को मुफ्त और सस्ती इलाज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों को तत्काल उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और संस्थानों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 

सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, जिसमें पीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की मजबूत व्यवस्था शामिल है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। 

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