श्यामगंज गल्ला मंडी: जहां होनी चाहिए रौनक, वहां धूल और गड्ढे, बदहाल रास्तों के चलते ग्राहक बना रहे दूरी
बरेली, अमृत विचार। होली नजदीक है, मगर श्यामगंज गल्ला मंडी में रौनक नहीं है। ग्राहकों की आमद बढ़ने की बजाय कम हो गई है। वहां उड़ती धूल और गड्ढों से हालात बद से बदतर हैं। नगर निगम के जलकल विभाग ने पेयजल पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़क को इस कदर उधेड़ा कि व्यापारियों और आमजन दोनों की सहूलियतें धरी की धरी रह गईं। खोदकर छोड़ी गईं सड़कों की अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके चलते लोग चोटिल हो रहे हैं। दुकानदार और ग्राहक परेशान हैं।
जनवरी माह में साहू गोपीनाथ कॉलेज से फ्लाईओवर तक पाइपलाइन की खोदाई शुरू करने से पहले नगर निगम के जलकल विभाग ने 15 दिनों में सड़क दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन एक महीना बाद भी सड़क की हालत नहीं सुधरी है। व्यापारियों का कहना है कि जहां पहले मंडी की गलियां रौनक से भरी रहती थीं, अब वही रास्ते बदहाल हैं।
कई दुकानदार आशंकित रहते हैं कि कहीं कोई गंभीर दुर्घटना न हो जाए। सड़क पर गड्ढों और धूल का आलम ऐसा है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन राहगीर चोटिल होते रहते हैं। होली नजदीक है। मंडी में ग्राहकों की भीड़ होनी चाहिए मगर, वहां सिर्फ अफरा-तफरी नजर आती है। व्यापारियों की परेशानियां सीधे शहर के अन्य हिस्सों पर असर डाल रही हैं, क्योंकि पूरा शहर श्यामगंज मंडी पर निर्भर है। ग्राहक दुकानों तक पहुंचने में हिचक रहे हैं, कारोबार प्रभावित हो रहा है।
व्यापारी प्रतुल अग्रवाल ने बताया कि श्यामगंज गल्ला मंडी के रास्तों की हालत खस्ता है। सुबह दुकान खोलते ही धूल की परत साफ करनी पड़ती है। ग्राहक गाड़ी पार्क नहीं कर पाते और जाम में फंसकर लौट जाते हैं। रोजाना बिक्री आधी रह गई है।अगर यही हाल रहा तो त्योहारी सीजन में भी घाटे में जाना तय है।
व्यापारी अमन अग्रवाल ने बताया कि पाइपलाइन डालना जरूरी है, लेकिन सड़क अधूरी छोड़ना लापरवाही है। दिनभर उड़ती धूल से दुकान का सामान खराब होता है। महिलाएं और बुजुर्ग ग्राहक आने से बच रहे हैं, क्योंकि पैदल चलना भी मुश्किल है। लग रहा है व्यापारी और आमजन की परेशानी किसी की प्राथमिकता ही नहीं है।
व्यापारी संतोष अग्रवाल के मुताबिक त्योहार का समय हमारे लिए साल की सबसे बड़ी कमाई लेकर आता है, मगर इस बार हालात उलट हैं। सड़क बदहाल होने की वजह से कोई न कोई बाइक सवार फिसल जाता है। नगर निगम को समझना चाहिए कि यह सिर्फ सड़क नहीं, पूरे शहर की सप्लाई लाइन है। इसे यूं अधूरा छोड़ना लापरवाही है ।
बरेली किराना कमेटी अध्यक्ष गुलशन सब्बरवाल ने बताया कि ग्राहकों का दुकान तक पहुंचना ही चुनौती बन गया है। गल्ला मंडी में रोज लाखों का लेनदेन होता है। हम टैक्स समय पर देते हैं, लेकिन बदले में सुविधा शून्य मिलती दिखाई दे रही हैं। त्योहार में जहां बिक्री बढ़नी चाहिए थी, वहां ग्राहक अब दूरी बना रहे हैं। अफसरों को चाहिए कि तुरंत सड़क दुरुस्त कराएं ।
