लैंड फॉर जॉब घोटाला : दिल्ली की अदालत ने लालू, राबड़ी के खिलाफ औपचारिक रूप से तय किए आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी 'घोटाले' के सिलसिले में सोमवार को औपचारिक रूप से आरोप तय किए। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा, ''आरोपी संख्या 1 (लालू प्रसाद) और आरोपी संख्या 2 (राबड़ी देवी) के खिलाफ आरोप तय किये जाते हैं, हालांकि उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है और मुकदमे का सामना करने की बात कही है।''
मामले की आगे की कार्यवाही के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की गई है। न्यायाधीश ने 29 जनवरी को लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव तथा कुछ अन्य को औपचारिक रूप से आरोप तय किये जाने के लिए 1 से 28 फरवरी के बीच व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की छूट दी थी।
अदालत ने नौ जनवरी को लालू प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किये जाने का आदेश दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं और 52 अन्य को आरोप मुक्त कर दिया है। सीबीआई के आरोप पत्र में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है।
न्यायाधीश ने 346 पन्नों के आदेश में कहा, ''अदालत गंभीर संदेह के आधार पर यह पाती है कि लालू प्रसाद के इशारे पर एक व्यापक आपराधिक साजिश रची गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के रूप में इस्तेमाल कर अपनी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव तथा बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव के माध्यम से नौकरी के आकांक्षियों की अचल संपत्ति प्राप्त करना था।''
आदेश में सीबीआई के आरोप पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी, भोला यादव, आर. के. महाजन और पी. सी. गुप्ता ने संभवतः सह-षडयंत्रकारी के रूप में, पूर्व रेल मंत्री द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को देश के विभिन्न रेलवे जोन में 'ग्रुप डी' के पदों पर नौकरी देने के बदले में भूखंड हासिल करने में मदद की थी।
