लखनऊ : कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा कर रही दिल को तंदुरुस्त, पीजीआई-एम्स भोपाल का शोध
लखनऊ, अमृत विचार : कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली स्टैटिन दवा की अधिक खुराक लेने वाले हृदय रोगियों में बाईपास सर्जरी के बाद अपेक्षाकृत तेजी से सुधार देखने को मिला है। शोध में पाया गया कि ऐसे मरीजों में सर्जरी के बाद दिल की पंपिंग क्षमता बेहतर रही, सूजन, ऑक्सीजन की कमी, अनियमित धड़कन और मांसपेशियों से जुड़े जोखिमों में कमी दर्ज की गई। साथ ही दिल को नुकसान पहुंचाने वाले बायोमार्कर का स्तर भी काफी कम पाया गया।
यह निष्कर्ष संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल के 48 हृदय रोगियों पर किए गए संयुक्त अध्ययन में सामने आए हैं। इस शोध को अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका क्यूरियस जर्नल ऑफ मेडिकल साइंस ने मान्यता दी है।
पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आदित्य कपूर ने बताया कि बाईपास सर्जरी के दौरान और बाद में हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचना एक सामान्य समस्या है। अध्ययन में 30 दिन से अधिक समय से स्टैटिन ले रहे 48 मरीजों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को सर्जरी से सात दिन पहले दवा की अधिक खुराक और दूसरे को सामान्य (कम) खुराक दी गई।
परिणामों में सामने आया कि अधिक मात्रा में स्टैटिन लेने वाले मरीजों में सर्जरी के बाद हृदय की मांसपेशियों को कम क्षति हुई और रिकवरी बेहतर रही।विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन बाईपास सर्जरी से पूर्व दवा प्रबंधन की रणनीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
शोध दल में डॉ. आदित्य कपूर के साथ डॉ. नवीन गर्ग, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. सुदेश प्रजापति, डॉ. अदिति मोहन, डॉ. प्रभात तिवारी, डॉ. शांतनु पांडे, डॉ. बिपिन चंद्रा, डॉ. अंकित साहू और डॉ. रूपाली खन्ना सहित अन्य चिकित्सक शामिल रहे।
