यूपी बजट सत्र : सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर बोला हमला, कहा- किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष की नीयत साफ नहीं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद के बजट सत्र में विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग भी गाहे-बगाहे किसानों की चर्चा करते हैं, लेकिन उनकी नीयत साफ नहीं है। विधान परिषद में बजट सत्र की शुरुआत में उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दिये गये अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए, योगी ने कहा कि ''विपक्ष के लोग भी गाहे-बगाहे अन्नदाता किसान) की चर्चा करते हैं, लेकिन नीयत उनकी साफ नहीं है।''
योगी ने कहा, ''उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य भी है। सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन भी करता है लेकिन अन्नदाता किसानों की स्थिति उनके समय में क्या थी। इन्होंने कहां पहुंचा दिया था?'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''भारत आज से 2000 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था का सिरमौर था। करीब 44 प्रतिशत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का अधिकार था। वह भारत का स्वर्ण युग था। आज से 400 वर्ष पहले भी भारत की स्थिति यही थी और ग्लोबल इकोनॉमी में भारत का शेयर 24-25 प्रतिशत था।''
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के साथ पिछली सरकारों में औपनिवेशिक मानसिकता का व्यवहार हुआ। औपनिवेशिक काल में यहां शोषण हुआ, लूट हुई, परंपरागत उद्यम समाप्त किए गए।
अन्नदाता किसानों को, जो पहले उत्पादक था, उसे उपभोक्ता बनाकर रख दिया गया। लेकिन आज हम कह सकते हैं कि पिछली सरकारों में भी औपनिवेशिक मानसिकता के साथ अन्नदाता किसानों, एमएसएमई सेक्टर और परंपरागत उद्यम से जुड़े कारीगरों के साथ यही व्यवहार हुआ।
योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान, कारीगर सभी को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है और हम मानते हैं कि किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के हक में चलाई गई योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
