Bareilly : दूसरे राज्य में की पढ़ाई अब जिले का बनना है मतदाता, एसआईआर में अंकपत्रों की हो रही जांच
बरेली, अमृत विचार। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोट बनवाने के लिए उन महिला-पुरुषों को दिक्कतें हो रहीं हैं, जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दूसरे राज्य के विभिन्न जनपदों के स्कूलों से उत्तीर्ण की है। 30 से लेकर 50 साल की उम्र में वोट बनवाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने जन्मतिथि के लिए मार्कशीट की कॉपी लगाई है।
अब उनकी मार्कशीट की संबंधित स्कूलों और संबंधित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से जांच करायी जा रही है। यह देखा जा रहा है कि कहीं कोई गड़बड़ या फर्जीवाड़ा तो नहीं किया गया। ऐसे लोग बड़ी संख्या में हैं, जिन्होंने बरेली के कई स्कूलों से पढ़ाई की है, लेकिन मूलत: रहने वाले विभिन्न प्रदेशों के हैं।
परिवार के साथ बरेली में रहने के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास किया, लेकिन अब अपने मूल पते पर निवास कर रहे हैं। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने बरेली में पांच स्कूलों में अंकपत्राें की जांच करायी है। दरअसल, जिलाधिकारी अविनाश सिंह की ओर से 11 फरवरी को डीआईओएस को पत्र लिखा गया। उसी पत्र के अनुपालन में डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने शहर के महावीर प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज, श्री गुरुनानक रिक्खी सिंह कन्या इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और फतेहगंज पश्चिमी के एसटीके हायर सेकेंड्री स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र लिखा। उस पत्र के साथ इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को अंक पत्र और सह प्रमाणपत्र की सूची सत्यापन के लिए भेजी।
सभी को निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है। ये कार्य करने वाले अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए अंकपत्र व सह प्रमाणपत्रों का सत्यापन एवं संबंधितों की जन्मतिथि का भी सत्यापन किया जाना है। इसके बाद प्रधानाचार्यों ने अपने स्कूलों में अंकपत्रों की जांच करायी। इसके साथ अंकपत्रों की जांच माध्यमिक शिक्षा परिषद के बरेली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से भी करायी गयी। इधर, डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि कुछ स्कूलों से संबंधित अंकपत्र जांच के लिए आए थे, जांच कराकर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गयी है।
बरेली से भी जांच को दिल्ली, मध्यप्रदेश भेजी गईं मार्कशीट
- जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के दौरान बरेली से भी अंकपत्र और सह प्रमाणपत्र जांच कराने के लिए अन्य प्रदेशों में भेजे जा रहे हैं, ज्यादातर लोग हाईस्कूल और इंटरमीडिएट अंक पत्र को अपनी जन्मतिथि बताने के लिए वोट बनवाने के दौरान लगा रहे हैं, इसलिए अंकपत्रों की जांच हो रही है।
