Moradabad: खेतों व तालाबों में विचरण कर रहे सारस, बने आकर्षण का केंद्र

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों सारस पक्षियों की मौजूदगी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। खेतों और तालाबों के आसपास जोड़े में घूमते सारस न केवल प्राकृतिक सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन का भी संदेश दे रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों जलभराव वाले खेतों और छोटे जलाशयों के पास सारसों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। सुबह और शाम के समय ये पक्षी भोजन की तलाश में खेतों में दिखाई देते हैं।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि सारस की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में अभी भी प्राकृतिक संसाधन और जैव विविधता सुरक्षित है। सारस मुख्य रूप से मेंढक, कीड़े-मकोड़े और छोटे जीव खाते हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की संख्या नियंत्रित रहती है। 

इस प्रकार यह किसानों के लिए भी लाभदायक साबित होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में कीटनाशकों का सीमित प्रयोग, जल स्रोतों का संरक्षण व शिकार पर रोक इनके संरक्षण में सहायक हो सकते हैं।

संबंधित समाचार