अनोखी परंपरा: फामादीहाना, मौत के पार रिश्तों का उत्सव 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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दुनिया में कुछ परंपराएं ऐसी होती हैं, जो पहली नजर में हैरान करती हैं, लेकिन गहराई से समझने पर इंसानी संवेदनाओं और रिश्तों की नई परतें खोलती हैं। ऐसी ही एक अनोखी परंपरा अफ्रीकी द्वीपीय देश मेडागास्कर में देखने को मिलती है, जहां लोग अपने गुजरे हुए अपनों को याद करने के लिए कब्र से बाहर लाते हैं और उनके साथ नाचते-गाते हैं। यहां मृत्यु को अंतिम विदाई नहीं, बल्कि दोबारा मिलन का अवसर माना जाता है। 

मेडागास्कर के मालगासी समुदाय में निभाई जाने वाली इस परंपरा को फामादीहाना कहा जाता है, जिसका अर्थ है-“हड्डियों को पलटना।” यह रस्म हर पांच से सात साल में आयोजित की जाती है। इस दौरान परिवार के लोग अपने पूर्वजों की कब्रें खोलते हैं, उनके अवशेषों को बाहर निकालकर नए, सुंदर रेशमी कफनों में लपेटते हैं और फिर संगीत, ढोल-नगाड़ों और गीतों के साथ नृत्य करते हैं। यह दृश्य किसी शोक समारोह से अधिक एक उत्सव जैसा लगता है।

मालगासी समाज में यह विश्वास गहराई से रचा-बसा है कि मृत्यु के बाद भी आत्माएं पूरी तरह विदा नहीं होतीं। माना जाता है कि पूर्वजों की आत्माएं आसपास ही रहती हैं और समय-समय पर अपने परिजनों का हाल जानने धरती पर लौटती हैं। फामादीहाना उन्हीं आत्माओं के सम्मान, उनसे संवाद और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। 

इस रस्म के दौरान लोग अपने दिवंगत प्रियजनों से बातें करते हैं, उन्हें परिवार की नई पीढ़ी से परिचित कराते हैं और जीवन की घटनाएं साझा करते हैं। फामादीहाना के समय कब्रिस्तान का माहौल बिल्कुल बदल जाता है। वहां ढोल बजते हैं, लोग पारंपरिक परिधान पहनकर नृत्य करते हैं, सामूहिक भोज पकता है और पूरे इलाके में उत्सव का रंग बिखर जाता है। 

बाहरी दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला और असामान्य हो सकता है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह बेहद पवित्र और भावनात्मक अनुभव होता है। यहां तक कि उंगली से इशारा करना भी वर्जित माना जाता है, क्योंकि ऐसा करने से आत्माओं के नाराज होने की मान्यता है।

पहली नजर में फामादीहाना डरावनी या रहस्यमयी लग सकती है, लेकिन मालगासी लोगों के लिए यह मौत का उत्सव नहीं, बल्कि यादों, सम्मान और प्रेम का प्रतीक है। शायद यही कारण है कि सदियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी जीवित है और यह हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि दुनिया में रिश्तों को देखने और निभाने के कितने अलग-अलग तरीके हो सकते हैं।