आबादी के बीच जहरीली रिफाइनरी का अंत... LDA ने सोना-चांदी गलाने वाली फैक्ट्री को किया ध्वस्त
लखनऊ, अमृत विचार : चौक अंतर्गत सुरंगी टोला में छह माह से आबादी के बीच उठते जहरीले धुएं से जहर घोल रही अवैध सोना-चांदी की गलाई-पकाई वाली रिफाइनरी को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बंद करा दिया। भट्टियां ध्वस्त करते हुए इसके संचालक को एक सप्ताह में रिफाइनरी हटाने की चेतावनी दी गई है। इस कार्रवाई से आसपास लोगों ने राहत महसूस की है।
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सुरंगी टोला के एक मकान में छह माह पहले एक व्यक्ति द्वारा आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से सोना-चांदी गलाने की रिफाइनरी लगाई गई थी। मोहल्ले में 40 से अधिक मकान बने हैं और उनमें सैकड़ों परिवार रहते हैं। रिफाइनरी में सोना और चांदी तेजाब के माध्यम से भट्टियों से गलाया जाता था। दिनरात इसका धुआं पर्यावरण के साथ लोगों को नुकसान पहुंचा रहा था। खासकर बुजुर्गों को सांस की तकलीफ हुई। लोगों ने रिफाइनरी का विरोध किया तो मालिक ने नहीं हटाई। सुरंगी टोला मोहल्ला समिति के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की तो टीम ने जांच की।
अवैध रिफाइनरी आबादी के बीच चलती मिली। जोकि पर्यावरण और स्थानीय लोगों के लिए हानिकारक बताकर मालिक को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद भी रिफाइनरी चला रहे संचालक नहीं माने। इसके बाद कार्रवाई के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव को पत्र लिखा गया। इस बीच समिति के लोग उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार से मिले। उनके निर्देश पर बुधवार को जोन-7 की टीम ने कार्रवाई की। मौके पर भट्टियां तोड़कर रिफाइनरी बंद कराई गई।
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जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि मालिक ने खुद से रिफाइनरी हटाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। यदि भवन खाली नहीं किया तो सीलिंग करेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एलडीए को सुरंगी टोला समिति के माध्यम से पत्र लिखा गया है। इसमें मोहल्ला वासियों ने हस्ताक्षर कर शिकायत दर्ज कराई है। रिहायशी लोगों में एक बुजुर्ग ने सांस की बीमारी को लेकर अपनी रिपोर्ट तक संबंधित जिम्मेदार विभागों को भेजी थी। इसके बाद कार्रवाई की गई है। जहां रिफाइनरी चल रही है वहां करीब 40 घर और ढाई सदस्य रहते हैं।
