Bareilly : छात्रों के प्रवेश पत्र रोकने पर पता चला डमी स्कूल, हंगामा
फीस जमा न होने पर तीन छात्रों को सीबीएसई 12वीं के छात्रों के रोके प्रवेश पत्र
बरेली, अमृत विचार। सीबीएसई परीक्षा के दूसरे दिन उस वक्त हंगामा हो गया जब स्कूल प्रबंधन ने तीन छात्रों का प्रवेश पत्र रोक लिया। कहा गया कि फीस जमा नहीं होने की वजह से छात्रों का प्रवेश पत्र रोका गया। सूचना मिलने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने स्कूल में पहुंच कर हंगामा काटा। इस हंगामे के बीच पता चला की स्कूल का संचालन बिनी मान्यता के किया जा रहा था। बच्चे वहां पर कोचिंग करते थे और परीक्षा के लिए दूसरे सेंटर में जाते थे।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र में स्थित रामगंगा इलाके में सेंट एंड्रयूज स्कूल है। स्कूल प्रबंधन ने बुधवार को परीक्षा से पहले तीन छात्रों के 12वीं के प्रवेश पत्र रोक लिए। इसकी वजह से छात्र फिजिकल एजुकेशन की परीक्षा नहीं दे सके। सुबह 10.30 से दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा होनी थी। मगर फीस जमा न होने पर तीन छात्रों का प्रवेश पत्र नहीं मिला। लिहाजा उनकी परीक्षा छूट गई। सूचना मिलने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री आनन्द कठेरिया ने अपने साथियों संग पहुंचकर हंगामा कर दिया। इसी बीच प्रबंधन ने बताया कि वह स्कूल नहीं चलाते, बल्कि उनका कोचिंग सेंटर है। वह बच्चों की पढ़ाई करवाते हैं। इसके बाद बच्चे दूसरे सेंटर पर परीक्षा देने जाते हैं। इसकी जानकारी होने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधक और प्रिंसिपल कार्यालय में ताला जड़ दिया। एक छात्र ने व्हाट्सएप स्टेटस भावनात्मक लगाया और रामगंगा नदी की तरफ जाने लगा। यह देखकर उसके साथियों ने उसे दौड़कर पकड़ा और समझाकर शांत कराया।
हमारा कोचिंग सेंटर है। बच्चों की फीस जमा नहीं होने के कारण प्रवेश पत्र रोका था। सभी से अभिभावकों को बुलाने को कहा था। छात्रों ने इसे नया रूप दे दिया। -मोहित चन्द्र, प्रबंधक।
ये था फर्जीवाड़ा --
स्कूल की सीबीएसई से मान्यता नहीं है। किसी दूसरे स्कूल से साठगांठ कर बच्चों को परीक्षा दिलाने की तैयारी थी। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब सीबीएसई की सिटी कॉर्डिनेटर ममता सक्सेना बताया कि सेंट एंड्रयूज नाम के किसी विद्यालय की सीबीएसई से मान्यता नहीं है।
मामले की शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर सुभाषनगर।
