संतकबीरनगर में हजारों ग्रामीणों की जमीनें सरकारी खाते में दर्ज, डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
संतकबीरनगर। पूर्वी उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले की धनघटा तहसील में प्रशासनिक अभिलेखों में हुई कथित त्रुटि के चलते छपरा पूर्वी गांव समेत आसपास के क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों की जमीनें 'सरकारी' अथवा अन्य श्रेणियों में दर्ज हो गईं। खतौनी में गलत प्रविष्टियों के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम छपरा पूर्वी एवं कोचरी, परगना महुली पूरब, तहसील धनघटा की भूमि अभिलेखों में गाटा संख्या श्रेणी 6-2/ अकृषिक भूमि, सड़क, रेलवे भवन और अन्य उपयोगों में दर्ज दिखाई जा रही है। इस कारण अनेक काश्तकारों के नाम खतौनी में दर्ज नहीं हो सके हैं। बैनामा, वरासत और दाखिल-खारिज से संबंधित प्रविष्टियां भी प्रभावित हुई हैं, जिससे भूमि लेनदेन और स्वामित्व हस्तांतरण में दिक्कतें आ रही हैं।
स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत के बावजूद समाधान न होने पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और प्रथम दृष्टया शिकायतें सही प्रतीत होती हैं।
उन्होंने उपजिलाधिकारी धनघटा को निर्देश दिया है कि विशेष कैंप लगाकर गलत प्रविष्टियों को ठीक कराया जाए और प्रभावित ग्रामीणों की खतौनी का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद अभिलेखों में आवश्यक संशोधन कर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
