बनना है इंजीनियर, जेईई मेन के बाद आगे का सफर

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Published By Anjali Singh
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देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन छात्र-छात्राओं के लिए देश के शीर्ष तकनीकी कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का रास्ता खोलती है। हर साल लाखों छात्र इसे क्वालिफाई करने की तैयारी करते हैं। जेईई मेन-2026 के सत्र-1 का रिजल्ट आने के बाद छात्र-छात्राओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब आगे क्या करना है?  इसका जवाब यही है कि अगर आप अपने सत्र-1 के स्कोर से संतुष्ट नहीं हैं या इसे और सुधारना चाहते हैं, तो जल्दी से सत्र-2 के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 फरवरी है। परीक्षा 1 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच आयोजित की जाएगी। दोनों सत्रों में से सर्वश्रेष्ठ स्कोर ही फाइनल रैंक के लिए मान्य होगा।-डॉ. क्षमा त्रिपाठी, प्रोफेसर डीजी पीजी कॉलेज

एक्सपर्ट की मानें तो इस बार जेईई मेन का प्रश्नपत्र मीडियम स्तर का था। ऐसे में अनुमान है कि सामान्य वर्ग के लिए जेईई एडवांस्ड में बैठने की पात्रता कटऑफ लगभग 91 से 93 परसेंटाइल के बीच हो सकती है। हालांकि वास्तविक और अंतिम कटऑफ की घोषणा दूसरे सत्र का परिणाम जारी होने के बाद ही की जाएगी। अब यदि आपका स्कोर कट ऑफ ढाई लाख उम्मीदवारों के भीतर है, तो आईआईटी में प्रवेश के लिए पात्र हैं और आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड की तैयारी शुरू कर सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण 23 अप्रैल से शुरू होगा और परीक्षा 17 मई को आयोजित की जाएगी।

जेईई मेन के बाद काउंसिलिंग

जेईई मेन के स्कोर के आधार पर देश के अनेक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में प्रवेश मिलता है। छात्र-छात्राएं इस परीक्षा के माध्यम से B.E./B.Tech और वास्तुकला (B.Arch) पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं। देश के सभी 31 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जेईई मेन का स्कोर स्वीकार करते हैं। इसी तरह देश में स्थित 26 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIITs) भी इस परीक्षा के आधार पर प्रवेश देते हैं। 28 केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थान(GFTIs) भी जेईई मेन के स्कोर को दाखिले के लिए पात्रता प्रदान करते हैं। इनके अलावा कई राज्यों के सरकारी कॉलेज जैसे बिहार का MIT,  दिल्ली स्थित DTU, जामिया मिलिया इस्लामिया और धीरूभाई अंबानी संस्थान भी जेईई मेन स्कोर को मान्यता देते हैं। हाल ही में IIM लखनऊ जैसे कुछ प्रबंधन संस्थानों ने भी जेईई स्कोर के आधार पर नए AI और डेटा साइंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश देना शुरू किया है। 

जेईई मेन बढ़िया विकल्प पर एकमात्र रास्ता नहीं

ऐसे छात्र जिनका जनवरी जेईई मेन में परसेंटाइल 99 से अधिक है, उनको जेईई एडवांस्ड की परीक्षा की तैयारी पूरे फोकस के साथ करनी चाहिए। क्योंकि इस परसेंटाइल पर उन्हें अच्छे एनआईटी में कोर ब्रांच मिलने का विकल्प लगभग सुरक्षित हो गया है, जबकि 99 से 98 परसेंटाइल स्कोर के बीच वाले उम्मीदवार जेईई मेन के अप्रैल सेशन में भाग ले सकते हैं। ऐसे विद्यार्थी जिनका परसेंटाइल 98 से कम है, उन्हें भी अप्रैल माह में जेईई-मेन के साथ एडवांस्ड की तैयारी पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए, लेकिन वे छात्र जो जेईई मेन परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। उनके लिए ऐसा नहीं है कि इंजीनियरिंग में प्रवेश के रास्ते बंद हो गए हैं। आप अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने की तैयारी कर सकते हैं। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के लिए जेईई मेन बढ़िया प्रवेश विकल्प है, लेकिन यह एकमात्र रास्ता नहीं है। कुछ विश्वविद्यालय और कॉलेज अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, जबकि अन्य राज्य स्तरीय अंकों को स्वीकार करते हैं। आप इस ओर ध्यान दे सकते हैं। 

कितने परसेंटाइल पर कहां मिलेगा प्रवेश लेने का मौका 

एनआईटी त्रिची, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, राउरकेला, कालीकट, जयपुर और कुरूक्षेत्र में 99 परसेंटाइल से ज्यादा होने पर मनचाही ब्रांच मिलने का पूरा मौका रहता है। इसके अलावा ट्रिपलआईटी इलाहाबाद में भी दाखिला मिल सकता है। 98 से अधिक परसेंटाइल पर भी शीर्ष के टॉप 15 एनआईटी में कोर ब्रांच के अलावा ट्रिपल आईटी जबलपुर, ग्वालियर, गुवाहाटी, कोटा में कोर ब्रांच मिल सकती है। 98 से 96 परसेंटाइल पर टॉप 20 एनआईटी में कोर के अलावा अन्य ब्रांच और नॉर्थ ईस्ट की एनआईटी के साथ पटना, रायपुर, अगरतला, श्रीनगर, सिल्चर, उत्तराखंड, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़, जेएनयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिल सकता है। नए ट्रिपलआईटी डोदरा, पुणे, सोनीपत, सूरत, नागपुर, भोपाल, त्रिची, रायचूर, कांचीपुरम, रांची, धारवाड़, अगरतला, कल्याणी में भी कोर ब्रांच मिलने की संभावना रहती है। 96 से 94 परसेंटाइल पर सभी 1 एनआईटी के अलावा जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावनाएं बनती हैं।

जेईई मेन और एडवांस्ड क्या हैं

जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) में दो मुख्य परीक्षाएं होती हैं, जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड। जेईई मेन परीक्षा का पहला चरण है, जिसका संचालन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है। जेईई एडवांस्ड परीक्षा का दूसरा चरण है, जिसका संचालन संयुक्त प्रवेश बोर्ड (JAB) की ओर से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों  (IIT) में से किसी एक द्वारा किया जाता है। जेईई एडवांस्ड में बैठने के लिए, छात्र को जेईई मेन उत्तीर्ण होना आवश्यक है। जेईई मेन और एडवांस्ड दोनों ही अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं हैं। इन परीक्षाओं में अच्छा स्कोर करने से प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के द्वार खुलते हैं और उज्ज्वल करियर का मार्ग प्रशस्त होता है।

 

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