एक-डेढ़ मिनट में निपटाए गए डॉक्टरों के इंटरव्यू, सीएमओ कार्यालय में हुए वॉक-इन इंटरव्यू पर सवाल

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती में लापरवाही की परतें खुलने लगी हैं। लाखों खर्च कर विदेश में पढ़ाने करने वाले का ईडब्ल्यूएस कोटे में लीपापोती अभी चल ही रही है कि, साक्षात्कार में भी औपचारिकता बरतने का मामला सामने आ गया। महज आठ घंटे में 350 आवेदकों का साक्षात्कार कर लिया गया। यानी इंटरव्यू कमेटी ने एक अभ्यर्थी का साक्षात्कार (इंटरव्यू) केवल एक से डेढ़ मिलने में पूरा कर लिया गया।कुछ अभ्यर्थियों ने मामले की शिकायत उप मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए संविदा पर 55 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती के लिए 7 जनवरी को सीएमओ कार्यालय में साक्षात्कार हुआ था। साक्षात्कार में करीब 350 डॉक्टर शामिल हुए थे। सुबह 11 बजे साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हुई और शाम 7 बजे तक चली। अभ्यर्थियों का कहना है कि आठ घंटे में 350 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया, जो औसतन एक मिनट 37 सेकेंड प्रति अभ्यर्थी बैठता है। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि उनसे नाम, योग्यता और औपचारिक प्रश्न पूछकर तुरंत बाहर कर दिया गया। कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि निजी और विदेशी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को विभागीय कर्मचारियों ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने की सलाह दी गई। आरोप है कि ईडब्ल्यूएस कोटे के माध्यम से अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया।

अभ्यर्थियों ने जताई नाराजगी

इंटरव्यू में शामिल रहे कुछ डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने निजी मेडिकल कॉलेजों में एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर पढ़ाई की है, लेकिन चयन प्रक्रिया में उन्हें उचित अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। सीएमओं डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं। साक्षात्कार में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।

 

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