महोबा : सिजहरी गांव में शव दफनाने को लेकर दो समुदायों में विवाद, पुलिस तैनात

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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महोबा। उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के श्रीनगर क्षेत्र के सिजहरी गांव में शनिवार को एक मुस्लिम महिला के शव को दफनाने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया, जिसने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया। हिंदू संगठनों का आरोप है कि जिस भूमि पर शव दफनाया गया है वह सरकारी जमीन है और इसके जरिए अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है।

वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उक्त भूमि का वर्षों से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग होता आया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विश्व हिंदू परिषद और विश्व हिंदू महासंघ ने घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

संगठनों ने संबंधित भूमि की पैमाइश कराने की मांग की है और कहा है कि यदि जमीन सरकारी पाई जाती है तो शव को निर्धारित कब्रिस्तान में स्थानांतरित किया जाए। स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई जब विहिप के विभाग मंत्री मयंक तिवारी और विश्व हिंदू महासंघ के जिला संयोजक अनुज महाराज ने समर्थकों के साथ गांव जाने की चेतावनी दी।

इसके बाद प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए मयंक तिवारी को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। मौके पर एसडीएम शिवध्यान पांडेय, महोबा और चरखारी के क्षेत्राधिकारी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विहिप नेताओं का कहना है कि उनका विरोध किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है। उनका कहना है कि यदि पैमाइश में जमीन कब्रिस्तान की साबित होती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि यह भूमि पुरानी कब्रिस्तान की है। एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने राजस्व टीम से भूमि की पैमाइश कराने का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया है। प्रशासन ने बताया कि सिजहरी गांव में फिलहाल हालात शांतिपूर्ण हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

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