पेयजल लाइन में आया गंदा पानी: सरकारी क्वार्टरों में दोहराई जा रही इंदौर जैसी भूल
बरेली, अमृत विचार। मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले महीने दूषित पानी पीने की वजह से दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। इसे त्रासदी को याद कर एक बार फिर रजिस्ट्री दफ्तर रोड के सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं।
यहां करीब 100 सरकारी क्वार्टरों में टंकी में आने वाला गंदा पानी उनकी जान के लिए सीधा खतरा बन गया है। लोगों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। मजबूरी में लोगों ने पैसे खर्च कर बोतलबंद पानी मंगवाना शुरू कर दिया।
सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले प्रेमराज, राकेश, नीलम, संजय वर्मा, एसपी सिंह के घरों में शनिवार सुबह पेयजल लाइन में गंदा पानी आया। प्रेमराज ने बताया कि सुबह जलकल विभाग के सहायक अभियंता अजीत सिंह को कॉल कर गंदा पानी आने की शिकायत की। दो कर्मचारी आए और बोले कि क्लोरीन ज्यादा डालने की वजह से समस्या हुई होगी।
दो घंटे बाद भी पानी साफ नहीं हुआ और जब सहायक अभियंता से दोबारा संपर्क किया गया तो बहाना मिला कि पानी की आपूर्ति लाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है। शाम तक पानी साफ नहीं हुआ। इस स्थिति से सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले लोग गुस्से में हैं।
उनका कहना है कि इंदौर की घटना से सबक लेने की बजाय, यहां वही गलती फिर दोहराई जा रही है। इस संबंध में जलकल विभाग के जीएम मनोज कुमार और सहायक अभियंता अजीत कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, मगर बात नहीं हो सकी।
