Lucknow News: 'लखनऊ दर्शन' बस सेवा से विधानसभा की सैर पर्यटकों के लिये फिर से शुरू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होते ही 'लखनऊ दर्शन' बस सेवा से विधानसभा की सैर एक बार फिर पर्यटकों के लिये शुरू कर दी गयी है। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से विधानसभा भ्रमण अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सत्र समाप्त होने के साथ ही विधानसभा को दोबारा टूर में शामिल कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि भव्य स्थापत्य, विशाल गुंबद और ऐतिहासिक महत्व से परिपूर्ण विधानसभा भवन राजधानी की पहचान है और इसके शामिल होने से 'लखनऊ दर्शन' और आकर्षक हो गया है। टूर का एक प्रमुख आकर्षण जनरल पोस्ट ऑफिस लखनऊ (पूर्व रिंग थियेटर) भी है। नौ अगस्त 1925 के काकोरी कांड के बाद अंग्रेज सरकार ने यहां विशेष अदालत बनाकर करीब 10 महीने तक मुकदमा चलाया था।
इस मुकदमे में राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान को फांसी की सजा सुनाई गई थी, जबकि शचीन्द्रनाथ सान्याल को कालापानी और मन्मथनाथ गुप्त सहित अन्य को कठोर कारावास मिला। आज यहां स्थित संग्रहालय में उस दौर की यादें संरक्षित हैं, जिन्हें पर्यटक देख सकते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की 'लखनऊ दर्शन' इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा प्रतिदिन सुबह और शाम दो पालियों में 1090 चौराहे से संचालित होती है। यह बस राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थलों का भ्रमण कराती है।
टिकट आधिकारिक वेबसाइट या प्रस्थान स्थल से प्राप्त की जा सकती है। किराया वयस्कों के लिए 500 रुपये और बच्चों के लिए 400 रुपये निर्धारित है। बस में प्रशिक्षित टूर गाइड उपलब्ध रहते हैं। इलेक्ट्रिक बस होने के कारण यह यात्रा पर्यावरण के अनुकूल और आरामदायक भी है।
