प्रदेश में सियासी जमीन तैयार करने में जुटी कांग्रेस, 36 साल सत्ता से बाहर रहने से बढ़ रही अकुलाहट

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: विधानसभा चुनावों में महज एक वर्ष रह गया है तो कांग्रेस ने भी सत्ता का 36 साल से सूखा खत्म करने के लिए सियासी जमीन तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। पिछले तीन महीने के अंतराल में ही विधान सभा घेरने के इरादे से दो बड़े प्रदर्शन करके कार्यकताओं में जहां जोश भरने का प्रयास है, वहीं मनरेगा बचाओ अभियान और एसआईआर पर मुखर रुख अपनाकर प्रदेश के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस के यह आंदोलन सियासी जमीन को कितना लहलहा पाते हैं, यह अभी भविष्य के गर्त में छिपा है।

देश आजाद होने के बाद उत्तर प्रदेश में गोविंद बल्लभ पंत के नेतृत्व में पहली सरकार बनी थी। इसके बाद कांग्रेस की सूबे में 11 बार सरकार बनी। इससे एक बारगी को माना जाने लगा कि कांग्रेस की सत्ता का सूरज उत्तर प्रदेश में शायद ही अस्त हो। वर्ष 2085 को हुए विधान सभा के चुनावों में कांग्रेस ने 269 सीटें जीत कर सरकार बनाई थी। लेकिन 1989 में हुए चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। उस समय कांग्रेस को महज 94 सीटें पाकर ही संतोष करना पड़ा था। 

उसके बाद कांग्रेस का प्रदेश में जो ग्राफ गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, वह आज तक जारी है। हैरत की बात तो यह है कि वर्ष 2007 के बाद तो कांग्रेस की सीटें दहाई में भी नहीं आ पाई हैं। मौजूदा समय में कांग्रेस के बाद विधान सभा में दो सीटें हैं। एक विधायक अराधना मिश्रा हैं। वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास चुन कर आईं हैं, जबकि दूसरे विधायक वीरेन्द्र चौधरी हैं। वह महाराजगंज के फरेंदा से विधायक हैं।

अब विधान सभा के 2027 के आम चुनावों की आहट शुरू हो गई है तो अब कांग्रेस ने जनता से जुड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। 18 दिसंबर -25 में कांग्रेस ने जहां संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। अब पांच दिन पहले 17 फरवरी को एक बार कांग्रेस मैदान में उतर गई। इस बार मनरेगा बचाओ अभियान को लेकर विधान सभा घेरने की कोशिश की गई, वहीं प्रदेश के सभी जिलों में बड़े सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन सम्मेलनों में राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय खुद शामिल हो रहे हैं।

कांग्रेस ने भाजपा सरकार की गलत नीतियों के विरोध में प्रदर्शन और विधान सभा घेराव के कार्यक्रम किए हैं। इससे कार्यकर्ताओं में जोश पैदा होता है। वर्ष 2027 के चुनाव कांग्रेस पूरी दमदारी के साथ बेहतर परिणाम देगी।-अंशु अवस्थी, कांग्रेस प्रवक्ता

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