गोधन समागम-2026 : मंत्री धर्मपाल सिंह ने किया किसानों को सम्मानित, कहा- गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि "गोधन समागम-2026 हमारी गव्य परंपरा, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अद्भुत संगम है। यह समागम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और गौजन्य उत्पादों के प्रयोग के प्रति आमजन को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है।"

सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के प्रदेश के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया गया। कुल 112 दुग्ध उत्पादकों को पुरस्कृत किया गया। जिसमे 63 उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार और 49 उत्पादकों को नंदबाबा पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को प्रतीक चिन्ह, प्रमाण-पत्र और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे पशुपालक आत्मनिर्भर बन रहे हैं और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

गोकुल पुरस्कार के तहत लखीमपुर-खीरी के वरुण सिंह को 1,81,272 लीटर दुग्ध आपूर्ति के लिए राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार तथा आगरा के वीरेन्द्र सिंह को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं नंदबाबा पुरस्कार के तहत रामपुर के अरुण कुमार को राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में 25 महिला दुग्ध उत्पादकों को भी सम्मानित किया गया, जो दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का सशक्त उदाहरण है।

मंत्री ने कहा कि दुग्ध विकास विभाग प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हजारों पशुपालकों को लाभ मिल रहा है और प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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