UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड में 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल, सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को दी शुभकामनाएं

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Published By Anjali Singh
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प्रयागराज। एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा प्रणाली माने जाने वाले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। परीक्षाएं 12 मार्च तक चलेंगी। वर्ष 2026 की इन परीक्षाओं में हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। कुल मिलाकर 53,37,778 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। 

सीएम योगी ने  हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शामिल हो रही सभी छात्र छात्रों को बधाई दी उन्होंने लिखा कि 'मेरे प्रिय विद्यार्थियो, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं कल से प्रारंभ हो रही हैं। आप सभी को मेरा शुभाशीष। परीक्षाएं केवल आपकी शैक्षणिक योग्यता का मूल्यांकन नहीं हैं, बल्कि यह आपके धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है। पूर्ण विश्वास है कि आपने वर्ष भर जो कठिन परिश्रम किया है, उसका सकारात्मक परिणाम आप सभी को अवश्य प्राप्त होगा। माँ सरस्वती की कृपा आप सभी पर बनी रहे।'

पहले दिन हिंदी की परीक्षा 

पहले दिन हाईस्कूल की हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा प्रथम पाली में आयोजित की गई, जबकि इंटरमीडिएट की हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षा द्वितीय पाली में हुई। परीक्षाएं दो पालियों में सुबह 8:30 से 11:45 बजे तथा दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक संचालित की जा रही हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं कुल 15 कार्य दिवसों में संपन्न कराई जाएंगी। 

हाई टेक हो रही परीक्षा की निगरानी 

प्रदेश भर में परीक्षाओं के लिए 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई जा रही है। बोर्ड ने 18 जिलों को संवेदनशील घोषित करते हुए 222 अति-संवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिन्हित किए हैं। इनमें से 20 अति-संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और यूपी एसटीएफ की भी सहायता ली जा रही है। संवेदनशील केंद्रों की प्रतिदिन कम से कम दो बार जांच की जाएगी। 

नक़ल विहीन परीक्षा के लिए बनाये गए कंट्रोल रूम 

नकल में पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को एक वर्ष के लिए डिबार किया जाएगा, जबकि शिक्षक या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाए जाने पर यूपी सरकार के नकल विरोधी कानून के तहत सात वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यूपी बोर्ड द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रदेश मुख्यालय पर दो कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जबकि बोर्ड मुख्यालय में अलग से कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से 18 मंडलों, 75 जिलों, पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों और जिला स्तर पर डीआईओएस कार्यालयों से परीक्षा केंद्रों व स्ट्रांग रूम की 24 घंटे लाइव निगरानी की जा रही है। 

 

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