इंटीरियर डेकोरेशन : क्रिएटिविटी और मॉर्डन लाइफ स्टाइल का नया भविष्य
आज के दौर में एक सुंदर और सुव्यवस्थित घर केवल विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि मानसिक शांति और व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति बन चुका है। यही कारण है कि इंटीरियर डेकोरेशन उन विद्यार्थियों के लिए एक स्वर्णिम अवसर बनकर उभरा है, जिनकी सोच लीक से हटकर है और जो रंगों, आकृतियों तथा सजावट के माध्यम से कहानियां बुनना जानते हैं। बदलती लाइफस्टाइल ने इस क्षेत्र को व्यावसायिक रूप से इतना समृद्ध कर दिया है कि अब यह केवल बड़े बंगलों तक सीमित न रहकर मध्यम वर्गीय घरों, कॉर्पोरेट ऑफिसों, कैफे और स्टार्टअप्स की प्राथमिक जरूरत बन गया है। यदि आपमें रचनात्मकता का बीज है और आप तकनीकी बारीकियों को समझने का धैर्य रखते हैं, तो इंटीरियर डेकोरेशन का क्षेत्र आपको न केवल आर्थिक संपन्नता देगा, बल्कि हर नए प्रोजेक्ट के साथ आपकी कला को एक नई पहचान भी प्रदान करेगा।
18.jpg)
कला और विज्ञान का संतुलन
इंटीरियर डेकोरेशन को अक्सर केवल सजावट मान लिया जाता है, लेकिन वास्तव में यह किसी स्थान के अंदरूनी हिस्से को इस तरह रूपांतरित करने की कला है कि वह देखने में आकर्षक होने के साथ-साथ रहने के लिए आरामदायक भी हो। इसमें दीवारों के रंगों के चुनाव से लेकर फर्नीचर की बनावट, पर्दों का कपड़ा, लाइटिंग का कोण और फर्श के टेक्सचर तक हर छोटी चीज पर ध्यान दिया जाता है। एक सफल डेकोरेटर वह है, जो क्लाइंट की जरूरतों को समझे और सीमित बजट व स्थान में सर्वोत्तम परिणाम दे सके।
इस कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को डिजाइन के सिद्धांत, स्पेस प्लानिंग और सामग्री (मटेरियल) की पहचान सिखाई जाती है। उन्हें यह भी सिखाया जाता है कि कैसे लाइटिंग के जरिए किसी छोटे कमरे को बड़ा दिखाया जा सकता है या कैसे रंगों के सही इस्तेमाल से ऑफिस के माहौल को तनावमुक्त बनाया जा सकता है।
शैक्षणिक विकल्प और पाठ्यक्रम
इंटीरियर डेकोरेशन में करियर बनाने के लिए कई तरह के कोर्सेज उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपनी शैक्षणिक योग्यता और समय के अनुसार चुन सकते हैं:
सर्टिफिकेट कोर्सेज (6 माह से 1 वर्ष): यह उन लोगों के लिए है जो बेसिक स्किल्स जल्दी सीखकर काम शुरू करना चाहते हैं।
डिप्लोमा कोर्सेज (1 से 2 वर्ष): इसमें डिजाइनिंग की अधिक गहराई से जानकारी दी जाती है।
बैचलर डिग्री (3 से 4 वर्ष): जैसे B.Des या B.Sc इन इंटीरियर डिजाइन। यह एक व्यापक डिग्री है जो आपको ग्लोबल स्टैंडर्ड्स की समझ देती है।
मास्टर्स डिग्री (2 वर्ष): ग्रेजुएशन के बाद विशेषज्ञता (Specialization) हासिल करने के लिए।
करियर की संभावनाएं और आय
इस फील्ड में करियर के विकल्प बेहद विविधतापूर्ण हैं। कोर्स पूरा करने के बाद आप निम्नलिखित क्षेत्रों में हाथ आजमा सकते हैं:
इंटीरियर डेकोरेटर: घरों और ऑफिसों का मेकओवर करना।
सेट डिजाइनर: फिल्मों, टीवी शो और थिएटर के लिए सेट तैयार करना।
फर्नीचर कंसल्टेंट: मॉड्यूलर किचन और मॉडर्न फर्नीचर फर्म्स में काम करना।
फ्रीलांसर: खुद की कंसल्टेंसी खोलकर स्वतंत्र रूप से प्रोजेक्ट्स लेना।
सैलरी पैकेज: इस क्षेत्र में शुरुआत 2 से 4 लाख रुपये प्रति वर्ष से होती है। लेकिन, जैसे-जैसे आपका पोर्टफोलियो और अनुभव बढ़ता है, आपकी आय की कोई सीमा नहीं रहती। एक स्थापित इंटीरियर डेकोरेटर साल के 15-20 लाख रुपये से लेकर करोड़ों में कमा सकता है।
भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थान
बेहतर भविष्य के लिए सही संस्थान का चयन अनिवार्य है। भारत के कुछ टॉप कॉलेज जहाँ आप आवेदन कर सकते हैं:
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद: देश का सबसे प्रतिष्ठित डिजाइन संस्थान।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी : यहां के डिजाइन कोर्स विश्व स्तर पर मान्य हैं।
पर्ल एकेडमी: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री एक्सपोजर के लिए मशहूर।
JD इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी: यहां प्रैक्टिकल लर्निंग पर अधिक जोर दिया जाता है।
Arch एकेडमी ऑफ डिजाइन : जयपुर स्थित यह संस्थान अपनी क्रिएटिविटी के लिए जाना जाता है।
