प्रधानमंत्री ने राजनीतिक और नैतिक रूप से किया आत्मसमर्पण : ईरान युद्ध को लेकर बोले खरगे

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Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईरान युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों का हवाला देते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजनीतिक और नैतिक रूप से आत्मसर्मण कर दिया है। खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''मोदी सरकार का भारत के सामरिक और राष्ट्रीय हितों के प्रति लापरवाही भरा परित्याग सबके सामने है। 

एक ईरानी जहाज भारत का मेहमान था, हमारे द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 से निहत्थे लौट रहा था, लेकिन हिंद महासागर क्षेत्र में उस पर हमला कर दिया गया। चिंता या शोक का कोई बयान नहीं आया।प्रधानमंत्री मोदी मौन साधे हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ''होर्मुज की खाड़ी में 1100 नाविकों के साथ 38 भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज फंस गए हैं। कैप्टन आशीष कुमार समेत दो भारतीय नाविकों की कथित तौर पर मौत हो गई है। कोई समुद्री बचाव या राहत अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा है?'' 

खरगे ने कहा, ''खाड़ी क्षेत्र के देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। मेडिकल छात्र मदद मांगने के लिए हताशा भरा वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं।'' उन्होंने सवाल किया, ''भारत सरकार उनकी भलाई कैसे सुरक्षित कर रही है? क्या प्रभावित क्षेत्रों से निकासी की कोई योजना है? '' 

खरगे ने दावा किया कि प्रधाननमंत्री मोदी का ''आत्मसमर्पण'' राजनीतिक और नैतिक दोनों है। उन्होंने कहा, ''यह भारत के मूल राष्ट्रीय हितों को कमतर दिखाता है और वर्षों से लगातार, पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा सावधानीपूर्वक और कड़ी मेहनत से बनाई और अपनाई गई हमारी विदेश नीति को नष्ट करने वाला है।''   

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