UP News: सहारा शहर में ईडी का छापा, अहम दस्तावेज लगे हाथ
नगर निगम की अनुमति के बाद टीम ने किया सहारा शहर में प्रवेश
लखनऊ, अमृत विचार: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गोमतीनगर स्थित सहारा शहर में शुक्रवार को छापा मारा। मौके से कई अहम दस्तावेज हाथ लगे। कुछ दस्तावेजों की जांच के बाद छोड़ दिया गया। जबकि कुछ ईडी की टीम साथ लेकर गई। यह कार्रवाई देश भर में चल रही सहारा समूह की संपत्तियों से जुड़े मामलों की जांच चल रही है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई पूर्व ईडी टीम ने नगर निगम से शहर में दाखिल होने की अनुमति मांगी थी। नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर थे।
सूत्रों के अनुसार, ईडी सहारा समूह के खिलाफ कई मामलों की जांच कर रही है। इसी कड़ी में सहारा शहर में छापेमारी हुई। नगर निगम ने सहारा शहर पिछले वर्ष सील कर दिया था। अंदर प्रवेश करने के लिए अधिकारियों को सील खोलना जरूरी था। इस कारण नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया। उनको मौके पर बुलाया गया। औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सील खुलवाई गई। फिर ईडी टीम अंदर दाखिल हुई। सूत्रों के मुताबिक, सहारा समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्तियों के लेन-देन के मामलों की जांच देशभर में चल रही है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित सहारा शहर परिसर में भी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। ईडी अधिकारियों ने परिसर के भीतर कई फाइलें और कागजात खंगाले। जांच टीम कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ भी ले गई है, जिनकी जांच की जाएगी। छापेमारी के दौरान नगर निगम या ईडी के अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए हैं। जिनसे आगे की कार्रवाई का रास्ता तय हो सकता है। ईडी की टीम सुबह से सहारा शहर के आसपास घेराबंदी कर ली थी।
तीन दिन पहले ओडिशा समेत तीन राज्यों में हुई थी छापेमारी
सहारा प्राइम सिटी जमीन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन दिन पहले ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कंपनी और उसके अधिकारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए थे। ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने दो फरवरी को अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), बल्लारी (कर्नाटक), भुवनेश्वर और बेहरामपुर (ओडिशा) में सर्च ऑपरेशन किया। सर्च के दौरान व्हाट्सअप कम्युनिकेशन, कॉन्टैक्ट और कॉल रिकॉर्ड जैसे डिजिटल सबूत मिले थे। साथ ही कई आपत्तिजनक कागजातों को जांच के लिए जब्त किया गया था। सहारा समूह की अलग-अलग कंपनियों के खिलाफ 500 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। सहारा समूह की कई जमीनों को अटैच करने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। इनमें बेनामी जमीनें और दूसरे लोगों की संपत्तियां शामिल हैं।
