बाराबंकी : हत्याकांड के छह आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर
बाराबंकी, अमृत विचार : दो दिन पूर्व हुए मिथुन हत्याकांड को लेकर पुलिस कार्रवाई के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। सोमवार को हत्या के छह आरोपियों के घर बुलडोजर से जमींदोज कर दिए गए। इस कार्रवाई के दौरान तहसील के प्रशासनिक अधिकारी व पीएसी पुलिस बल मौजूद रहा। माना जा रहा कि यह घर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध ढंग से बने हुए थे।
शुक्रवार की देर रात लखनऊ के महिगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीरामपुरवा मजरे सुभाषनगर के रहने वाले मिथुन रावत 22 की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को दबोचा जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। छह आरोपियों के घर ग्राम दुर्रीपुरवा में करीब आस पास ही बने हुए हैं और सभी कच्चे घर हैं। सोमवार की दोपहर गांव में पसरा सन्नाटा जेसीबी की आवाज व पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की आमद ने तोड़ा। इस बीच ग्रामीण भी एकत्र हो गए। बुलडोजर बनी जेसीबी ने एक के बाद एक करीब छह घर देखते ही देखते नेस्तनाबूद कर दिए।
एसडीएम कार्तिकेय सिंह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार अंकिता पांडेय, कानूनगो कैलाश बहादुर, लेखपाल सर्वेश कुमार, प्रिंस शर्मा, अरविंद वर्मा, क्षितिज तिवारी के अलावा कुर्सी थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्णकांत सिंह, भारी पुलिस बल व पीएसी बटालियन की मौजूदगी रही। बता दें कि रविवार को मृतक मिथुन के घर कुर्सी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा पहुंचे। इस दौरान उन्होने परिवार को ढांढस बंधाया व परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था। यही नहीं उन्होने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहकर प्रभारी को फटकार भी लगाई थी। विधायक के गांव जाने के दूसरे दिन ही बुलडोजर कार्रवाई सामने आई। चर्चा है कि गिराए गए सभी घर अवैध ढंग से ग्राम समाज की जमीन पर बने हुए थे।
प्रेम प्रसंग, एससीएसटी एक्ट के मुकदमे ने कराई मिथुन की हत्या
एससीएसटी एक्ट के मुकदमे में सुलह न करने की रंजिश जारी ही थी, उस पर आग में घी काम प्रेम प्रसंग कर गया। इन्ही दो वजहों ने मिथुन हत्याकांड की नींव रख दी। पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा है, इस तरह अब तक आठ गिरफ्तार हो चुके व दो अन्य की तलाश जारी है। पूरे घटनाक्रम में ताबीज बनाने वाले इरफान उर्फ अघोरी बाबा का नाम भी शामिल है। बताते चलें कि लखनऊ में महिगवां थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरवा मजरे सुभाषनगर निवासी छविनाथ रावत के 22 वर्षीय पुत्र मिथुन रावत हत्याकांड में मां की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने गांव के इरफान उर्फ अघोरी, रिजवान, अरबाज, जावेद, अरमान व अयान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है।
इसी क्रम में पुलिस ने मुल्ला टोला मजरे कुर्सी निवासी मोहम्मद आमिर के अलावा एक नाबालिग को भी दबोचा। इस मामले में दो और की तलाश जारी है। कुल दस लोगों ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। बता दें कि वर्ष 2019 में मृतक के परिवार की ओर से आरोपी इरफान आदि के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। गिरफ्तारी होने के बाद आरोपी इस मुकदमे में सुलह का दबाव बना रहे थे पर सफल नहीं हुए। इस बीच मृतक मिथुन का आरोपियों में एक की पुत्री से प्रेम प्रसंग छिड़ गया। यही दोनों वजहें मिथुन की नृशंस हत्या की वजह बनीं। बता दें कि इरफान उर्फ अघोरी ताबीज बनाने का काम भी करता है। उसी ने सबको उकसा कर हत्या के लिए तैयार किया। सीओ फतेहपुर जगतराम कनौजिया ने बताया कि आठ आरोपी जेल जा चुके हैं, दो अन्य की तलाश पुलिस कर रही है।
