Barabanki News: अघोरी समेत 10 लोगों ने मिलकर मिथुन को उतारा था मौत के घाट, पुलिस ने किया खुलासा, अब तक आठ गिरफ्तार
बाराबंकी, अमृत विचार। एससीएसटी एक्ट के मुकदमे में सुलह न करने की रंजिश जारी ही थी, उस पर आग में घी काम प्रेम प्रसंग कर गया। इन्ही दो वजहों ने मिथुन हत्याकांड की नींव रख दी। पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा है, इस तरह अब तक आठ गिरफ्तार हो चुके व दो अन्य की तलाश जारी है। पूरे घटनाक्रम में ताबीज बनाने वाले इरफान उर्फ अघोरी बाबा का नाम भी शामिल है।
बताते चलें कि लखनऊ में महिगवां थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरवा मजरे सुभाषनगर निवासी छविनाथ रावत के 22 वर्षीय पुत्र मिथुन रावत का रक्तरंजित शव कुर्सी थाना क्षेत्र के दुर्रिनपुरवा गांव के करीब एक गेहूं के खेत में पड़ा मिला।हत्यारों ने गला रेतने के साथ ही धारदार हथियार के ताबड़तोड़ वार किए थे।
इस घटना में मां की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने गांव के इरफान उर्फ अघोरी, रिजवान, अरबाज, जावेद, अरमान व अयान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है। इसी क्रम में पुलिस ने मुल्ला टोला मजरे कुर्सी निवासी मोहम्मद आमिर के अलावा एक नाबालिग को भी दबोचा है।
इस मामले में दो और की तलाश जारी है। यानी कुल दस लोगों ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में मृतक के परिवार की ओर से आरोपी इरफान आदि के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।
गिरफ्तारी होने के बाद आरोपी इस मुकदमे में सुलह का दबाव बना रहे थे पर सफल नहीं हुए। इस बीच मृतक मिथुन का आरोपियों में एक की पुत्री से प्रेम प्रसंग छिड़ गया। यही दोनों वजहें मिथुन की नृशंस हत्या की वजह बनीं। बता दें कि इरफान उर्फ अघोरी ताबीज बनाने का काम भी करता है। उसी ने सबको उकसा कर हत्या के लिए तैयार किया।
घटना के दिन रात में मिथुन को काल कर बहाने से बुलाया गया, वहां मौजूद इन दस लोगों ने उसकी घेरकर बेरहमी से हत्या कर दी। सीओ फतेहपुर जगतराम कनौजिया ने बताया कि आठ आरोपी जेल जा चुके हैं, दो अन्य की तलाश पुलिस कर रही है।
