बदलेगा यूपी के मौसम का मिजाज : 15 से हल्की बारिश के आसार, मिलेगी गर्मी से राहत, 4-5 दिन तक छायी रहेगी धुंध
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बुधवार सुबह अचानक धुंध और कोहरे की मोटी परत छा गई, जिससे धूप लगभग लुप्त हो गई और कई जगहों पर दृश्यता काफी कम हो गई। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, मेरठ और आगरा समेत कई जिलों में लोगों को धुंध का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार धुंध की वजह से कुछ स्थानों पर दृश्यता बेहद कम दर्ज की गयी। राजधानी और आस-पास 15 मार्च से हल्की बारिश हो सकती हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार वायुमंडलीय स्थिरता के कारण कोहरे और धुंध छायी रहेगी और तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा। आगामी 4-5 दिनों के दौरान तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।
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अत्यधिक गर्मी के बाद 15 से हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार धुंध का कारण निचले क्षोभमंडल में पूर्वी भारत के दक्षिणी झारखण्ड के आस-पास संकेन्द्रित चक्रवाती परिसंचरण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक विस्तृत द्रोणी के प्रभाव से प्रदेश के निचले क्षोभमंडल में आ रही आर्द्र पुरवा हवाओं में नमी की प्रचुरता के कारण प्रदेश में सुबह के समय कोहरे के साथ-साथ दिन में भी धुंध की स्थितियां बन रही हैं।
प्रयागराज में यह करीब 30 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी एयरपोर्ट पर लगभग 500 मीटर तक रह गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में इस तरह की स्थिति पहले भी 2008 में देखने को मिली थी। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि नम पूर्वी हवाओं से आई नमी की वजह से दिन के समय भी प्रदेश के कई हिस्सों में धुंध और कोहरा बना रहा।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति अगले दो दिनों तक जारी रह सकती है। वहीं अगले 4-5 दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जिससे गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि 15 मार्च के आसपास हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दिन में तेज़ गर्मी और रात में अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के कारण रेडिएशन फॉग की स्थिति बन रही है। इस प्रक्रिया में हवा में मौजूद नमी रात के समय जमीन के पास छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि शांत हवाएं इस धुंध को लंबे समय तक बनाए रखती हैं, जबकि हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण नमी को जमने में मदद करते हैं, जिससे सुबह के समय धुंध और कोहरा जैसा मौसम बन जाता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर और गाजीपुर के बाहरी इलाकों में भी मंगलवार सुबह से धुंध छाई रही। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार पश्चिमी हवाओं और हवा में बढ़ी नमी की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी और बहराइच जैसे जिलों में भी धुंध देखी गई। वहीं बुंदेलखंड के हमीरपुर, ओराई, बांदा और महोबा समेत कई इलाकों में सुबह करीब 9 बजे तक घनी धुंध बनी रही और विजिबिलिटी कुछ मीटर तक सीमित हो गई।
आगामी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 15 मार्च से प्रदेश के तराई इलाकों के साथ-साथ पूर्वांचल के कुछ भागों में इस सीजन में पहली बार बारिश होने के साथ-साथ तापमान में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न भी इस तरह की असामान्य परिस्थितियों के पीछे एक कारण हो सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि मार्च के तीसरे सप्ताह में संभावित पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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