विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति का बड़ा आरोप: हटाए गए 25 हजार संविदा कर्मी, गड़बड़ा सकती है बिजली व्यवस्था

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि राज्य विद्युत परिषद ने करीब 25 हजार संविदा कर्मियों को हटा दिया है, जिससे कर्मियों में भारी आक्रोश है। उधर छंटनी के चलते गर्मियों में बिजली सप्लाई की व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण के लिए लगातार संविदा कर्मियों की छटनी कर रही है। जिन संविदा कर्मियों ने 20–25 वर्षों तक बिजली व्यवस्था को संभाला। कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य किया और जिनमें से कुछ दुर्घटनाओं में अपंग भी हो चुके हैं, उन्हें भी बेरोजगार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के मानकों के मुताबिक, शहरी क्षेत्र के प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर 36 संविदा कर्मी तथा ग्रामीण क्षेत्र में 20 कर्मी तैनात होने चाहिए। लेकिन वर्तमान में जारी किए जा रहे टेंडरों में शहरी क्षेत्रों में 18 और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 कर्मियों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे लगभग 45 प्रतिशत संविदा कर्मियों की छटनी हो रही है।

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