सीएम युवा उद्यमी योजना से झांसी की प्रतिभा ने भरी उड़ान, चितेरी लोककला को उद्यमिता से जोड़कर बनाई पहचान
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की मदद से झांसी की प्रतिभा डोंगरे ने बुंदेलखंड की पारंपरिक चितेरी लोककला को नया आयाम देते हुए उसे रोजगार और उद्यमिता से जोड़ दिया है। फाइन आर्ट्स में स्नातक और परास्नातक प्रतिभा ने गांवों में दरवाजों और खिड़कियों पर बनाई जाने वाली चितेरी कला को जूट बैग और अन्य गिफ्ट उत्पादों पर उतारकर इसे बाजार तक पहुंचाया।
योजना के तहत उन्हें 4.5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण मिला, जिससे उन्होंने मशीनें खरीदीं और ‘रचनात्मक ऑर्टस’ के नाम से अपना उद्यम शुरू किया। शुरुआत छोटी थी, लेकिन आज उनके साथ 25 महिलाएं जुड़कर काम कर रही हैं। कुछ महिलाएं यूनिट में काम करती हैं, जबकि कई घर से ही कच्चा माल लेकर उत्पाद तैयार करती हैं।
प्रतिभा के बनाए जूट बैग, गिफ्ट आइटम, गमछे, मोमेंटो और मेडल अब स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और कॉर्पोरेट कार्यक्रमों में भी इस्तेमाल हो रहे हैं। इससे न केवल बुंदेलखंड की पारंपरिक कला को नई पहचान मिली है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रतिभा का यह प्रयास ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को मजबूत करने के साथ महिला सशक्तीकरण की प्रेरक मिसाल बन रहा है।
