श्रीराम यंत्र स्थापना पर राष्ट्रपति का सिक्योरिटी प्रोटोकॉल: 4 लेयर में तैनात होंगे स्नाइपर्स-विशेष कमांडो
अयोध्या, अमृत विचार। नव संवत्सर 19 मार्च को राम मंदिर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राष्ट्रपति के इर्द गिर्द चार स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। उनके सबसे करीब राष्ट्रपति सुरक्षा गार्ड से जुड़े स्नाइपर्स व विशेष कमांडों तैनात रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों व स्थानीय पुलिस इकाईयों से तालमेल बैठाने के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
राष्ट्रपति द्वारा 19 मार्च को राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें करीब छह हजार वीवीआईपी व मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिक आदि शामिल होंगे। सुरक्षा इंतजामों को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जुटे हुए हैं।
सुरक्षा के लिए जो मैप तैयार किया गया है। उसमें बाहरी घेरा पुलिस, पीएसी का होगा, जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे। इस सुरक्षा घेरे को आउटर कार्डन कहा जाता है। आउटर कार्डन से आगे, लेकिन कार्यक्रम स्थल से बाहर एक और सुरक्षा दस्ता तैनात होगा, इसे इनर कार्डन कहा जाता है। इसके बाद कार्यक्रम स्थल के अंदर तीसरा सुरक्षा चक्र रहेगा, जो बिना वर्दी के होता है। इनके पास भी घातक हथियार होते हैं।
इनका काम केवल उन्हीं लोगों को अंदर प्रवेश देना है, जिनके पास अनुमति है। इस विंग के साथ खुफिया दस्ते के लोग भी रहेंगे, जो कि अंदर बाहर टोह लेते रहेंगे। राष्ट्रपति के सबसे करीब जो सुरक्षा दस्ता रहेगा वह राष्ट्रपति सुरक्षा गार्ड के जवान होंगे। इस सुरक्षा चक्र को आइसोलेशन कार्डन कहा जाता है। इसमें स्नाइपर्स व विशेष कमांडो जवान तैनात रहेंगे। सुरक्षा के जो इंतजाम किए गए हैं, उसमें यह कोशिश की गई है बिना अनुमति कोई भी मेहमान उन तक न पहुंच सके।
तैनात हुए 12 विशेष नोडल अधिकारी
राष्ट्रपति विशेष विमान से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचेगीं। यहां से वह सेना के हेलीकॉप्टर से साकेत महाविद्यालय पर बने हैलीपैड पर उतरेंगीं। फिर यहां से सड़क मार्ग से करीब डेढ़ किमी. की दूरी सड़क मार्ग से तय कर राम मंदिर में प्रवेश करेंगी। सुरक्षा को लेकर एयरपोर्ट, साकेत महाविद्यालय स्थित हेलीपैड, राम मंदिर परिसर, राष्ट्रपति के आवागमन मार्ग और मंदिर भ्रमण मार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर 12 विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। जो राष्ट्रपति के सुरक्षा अधिकारी व विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगे। वहीं, एयरपोर्ट, साकेत महाविद्यालय, सर्किट हाउस व राम मंदिर परिसर में कमांड सेंटर बनाने की भी तैयारी है।
सड़क के दोनों ओर होगी बेरिकेडिंग
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान साकेत महाविद्यालय से श्रीराम अस्पताल तक के सड़क मार्ग को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है। इसके चलते इस रामपथ मार्ग पर दोनों ओर बैरिकेडिंग करने की तैयारी है। राष्ट्रपति का काफिला आने जाने के दौरान इस सड़क पर आने की इजाजत किसी को नहीं होगी। पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, साथ ही घरों की छतों पर पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और खुफिया टीमें लगातार निगरानी रखेंगी। आवागमन मार्गों की पहले से ही गहन जांच कराई जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। व्यवस्था को लेकर अन्य जनपदों से सुरक्षाकर्मियों के आमद कराने का सिलसिला जारी हो गया है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी का कहना है कि वीवीआईपी प्रोटोकाल के तहत सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
