ग्रेटर नोएडा में पानी का 270 करोड़ बकाया, 31 मार्च तक जमा न करने पर कटेगा कनेक्शन
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर परिक्षेत्र ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पानी के बकाया बिल को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। प्राधिकरण ने आवंटियों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि 31 मार्च तक बकाया जल शुल्क जमा नहीं किया गया तो संबंधित कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण अधिकारी द्वारा शनिवार को जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार शहर में इक्यावन हजार से अधिक पानी के कनेक्शन हैं। इनमें से करीब उन्नतीस हजार कनेक्शनों पर लगभग दो सौ सत्तर करोड़ रुपये का जल शुल्क बकाया चल रहा है। सबसे अधिक बकाया राशि बिल्डर सोसाइटियों पर है। करीब नब्बे से अधिक बिल्डर सोसाइटियों पर ही लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये का जल शुल्क बकाया बताया गया है।
इसके अलावा शहर की अट्ठाइस हजार से अधिक आवासीय संपत्तियों, छह आईटी इकाइयों, तीन सौ इक्कीस संस्थागत इकाइयों, सात सौ अधिक औद्योगिक इकाइयों, बीस आवासीय समितियों और इक्कीस व्यावसायिक संपत्तियों पर भी जल शुल्क का भुगतान लंबित है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि कई आवंटियों को पहले भी बकाया बिल जमा करने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है। अब प्राधिकरण ने अंतिम समयसीमा तय कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार अब तक निवासियों को असुविधा से बचाने के लिए कनेक्शन नहीं काटे गए थे, लेकिन लगातार बढ़ते बकाया को देखते हुए अब सख्ती की तैयारी की जा रही है। यदि 31 मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित संपत्तियों के पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है। जल विभाग ने बिल प्राप्त करने और भुगतान की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर ऑनलाइन बिल देखने और भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
जिन आवंटियों की केवाईसी अपडेट है, उन्हें बकाया राशि की जानकारी एसएमएस और ईमेल के माध्यम से भी भेजी जा रही है। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से शुल्क जमा करना जरूरी है। उन्होंने आवंटियों से अपील की कि निर्धारित समय सीमा से पहले अपना बकाया जल शुल्क जमा कर दें, ताकि किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।
