लखीमपुर खीरी: सिंगाही थाने के एसआई समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित, हाफ एनकाउंटर वाला वीडियो पड़ा भारी
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस मुठभेड़ में घायल आरोपी का अस्पताल से वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही मिलने पर सिंगाही थाने के एक दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

सिंगाही थाना क्षेत्र में 28 फरवरी की देर शाम मूकबधिर 10 वर्षीय बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी जावेद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था, जिसमें उसके पैर में गोली लगी थी। इसके 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दूसरे आरोपी छोटू सिंह को भी पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया था। गोली लगने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया जाता है कि अस्पताल में भर्ती आरोपी की निगरानी के लिए सिंगाही थाने के उपनिरीक्षक आकाश भाटी, सिपाही कुलदीप यादव और मुख्य आरक्षी बृजेंद्र प्रताप सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान आरोपी छोटू सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उसने पुलिस मुठभेड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। अमृत विचार ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर को एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने गंभीरता से लिया और मामले की जांच कराई। जांच में लापरवाही सामने आने पर एसआई आकाश भाटी, सिपाही कुलदीप यादव और मुख्य आरक्षी बृजेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि प्रथम दृष्टया तीनों पुलिसकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसको लेकर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
