एलपीजी गैस की कमी से प्रयागराज में बढ़ी इंडक्शन चूल्हों की मांग, जानिए क्या बोले व्यापारी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की कीमतों में आई तेजी और बाजार में मची अफरातफरी का सीधा असर अब लोगों की रसोई पर दिखने लगा है। गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी के साथ ही गैस मिलने में हो रही देरी ने आम आदमी को 'बैकअप' प्लान की तरफ धकेल दिया है। शहर के कटरा, सिविल लाइंस और चौक जैसे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग में तीन से चार गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

इंडक्शन की मांग के साथ-साथ अब बाजार में 'इंडक्शन फ्रेंडली' बर्तनों (फ्लैट बॉटम वाले बर्तन) की बिक्री भी 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। प्रेशर कुकर से लेकर कढ़ाई तक, लोग अब वही बर्तन खरीद रहे हैं जो बिजली के चूल्हे पर काम कर सकें। घरेलू सिलेंडर लोगों को नहीं मिल रहा है जिसके वजह से बाजार में बिक रहे इलेक्ट्रनिक खाना पकाने मशीन लोगों के घरों में तेजी से पहुंच रहा है। कोई नया तो कोई पुराना इंडेक्शन रिपेयर करा कर इस्तेमाल करने की तैयारी में लगा है। 

इंडेक्शन खरीदने आई एक महिला ने बताया कि गैस सिलेंडर्स समय पर घर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसकी वजह से अब गैस पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए हम इंडक्शन को एक बैकअप के तौर पर साथ लेकर चल रहे हैं और अब घर का ज़्यादातर काम भी हम इंडक्शन पर ही कर रहे हैं। 

बाजार के जानकारों की मानें तो आमतौर पर एक दुकान से हफ्ते में 2-3 इंडक्शन बिकते थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से हर दिन 10 से 15 ग्राहक सिर्फ इंडक्शन की पूछताछ और खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। चौक के व्यापारियों का कहना है कि मांग इतनी अचानक बढ़ी है कि कई प्रमुख ब्रांड्स का स्टॉक खत्म हो गया है और नए ऑर्डर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

थोक विक्रेता ने बताया कि समस्या तो हर जगह ही है। हम लोग होलसेलर हैं, तो गांव क्षेत्र और शहर, दोनों जगह से लोग इंडक्शन और इन्फ्रा (चूल्हों) की मांग कर रहे हैं। लोगों में थोड़ा डर भी है कि आगे चलकर कहीं और दिक्कत न हो जाए। बाजार में हैवल्स, ऊषा, क्राम्पटन और बजाज जैसे ब्रांड्स की सबसे ज्यादा मांग है। खासतौर पर 2200 से 2400 वाट वाले इंडक्शन लोग हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। जिसकी कीमत 2000 3000 रूपए तक है।  

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