अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता से बदल रहा समाज- सीडीओ

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। बदलते समय के साथ महिलाएं अब सामाजिक ही नहीं आर्थिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और समाज में बढ़ती जागरूकता के चलते महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रही हैं और विकास की मुख्यधारा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मिसाल पेश कर रही हैं। इतना ही नहीं स्वयं सहायता समूहों से बढ़ रही आर्थिक भागीदारी से विकास में भी तेजी आ रही है। यह कहना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी का है, वह 2021 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।

उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं मौजूदा समय में स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। सीडीओ ने कहा कि पंचायत स्तर पर भी महिलाएं नेतृत्व की नई मिसाल कायम कर रही हैं। भरतौल ग्राम पंचायत की बात करें तो उसकी प्रधान महिला हैं। जिन्होंने ग्रामीण विकास और बेहतर कार्यों के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार को अपने झोली में किया है। यह दिखाता है कि महिलाएं प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी प्रभावी ढंग से निभा रही हैं।

सीडीओ ने बताया कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जनपद में 18 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। जहां दूरदराज क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा और आवास की बेहतर सुविधा मिल रही है। इससे बेटियों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है। इसका सकारात्मक असर देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में भी देखने को मिल रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं में अब लगातार अधिक संख्या में महिलाएं सफलता हासिल कर रही हैं, जो समाज में बदलती सोच और अवसरों की समानता को दर्शाता है।

सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों को सीडीओ ने दिया संदेश
सीडीओ देवयानी ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि तैयारी के दौरान सीमित और निर्धारित पुस्तकों पर ही ध्यान देना चाहिए। बाजार में उपलब्ध हर संसाधन के पीछे भागने के बजाय योजनाबद्ध अध्ययन करना अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि मॉक टेस्ट परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो तैयारी के स्तर को समझने में मदद करते हैं। साथ ही परीक्षा के किसी भी चरण में आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। मानसिक तनाव से बचने के लिए रोजाना कुछ समय खुद के लिए निकालना चाहिए और सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक और ज्ञानवर्धक तरीके से करना चाहिए। शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अवसरों की समानता से महिलाएं आज समाज में परिवर्तन की मजबूत धुरी बन रही हैं।

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