LPG crisis: देशभर में लगी लंबी कतारें, कालाबाजारी और जमाखोरों के खिलाफ सरकार ने शुरू की बड़ी कार्रवाई, हजारों सिलेंडर जब्त
नई दिल्लीः देश में मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से रसोई गैस का संकट अब चरम पर पहुंच गया है। भारत सरकार बार-बार पैनिक बुकिंग से बचने की अपील कर रही है, लेकिन लोग सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। कई लोग ऑफिस से छुट्टी लेकर एक सिलेंडर के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर को हाथ मलते लौटना पड़ रहा है।
सरकार सख्त, जमाखोरों पर छापेमारी का दौर
कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। पुलिस-प्रशासन हर जगह रेड कर रहा है और महंगे दामों पर सिलेंडर बेचने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचा रहा है। होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट अब इंडक्शन, कोयला, लकड़ी और चूल्हे के सहारे चलने को मजबूर हैं।
भोपाल हजारों सिलेंडर की जमाखोरी
एक बंद पड़ी गैस एजेंसी से पुलिस ने 668 भरे सिलेंडर बरामद किए। तीन ट्रक भरे हुए मिले। इसके अलावा 1,574 अनरजिस्टर्ड सिलेंडर भी जब्त। एजेंसी क्राइसिस के दौरान ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर बेच रही थी।
मुंबई के कई इलाकों में छापेमारी
वर्ली इलाके में छापेमारी के दौरान 5 किलो के 6 भरे और 58 खाली सिलेंडर जब्त किए गए। अवैध रिफिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग का मामला सामने आया। कई बड़े रेस्टोरेंट अब कोयले और चूल्हे पर खाना बना रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में प्रशासन सख्त
सीएम योगी के सख्त निर्देश पर प्रशासन एक्टिव हो गया है। मुरादाबाद में गैस एजेंसी पर रेड के बाद गोदाम सील। बुकिंग और डिलिवरी में गड़बड़ी पाई गई। नोएडा में सुबह से शाम तक लंबी कतारें लग रही हैं। लखनऊ में भी लंबी-लंबी लाइनों में लोग खड़े हुए हैं। बुलंदशहर और हापुड़ में भी भारी खेप बरामद की।
छत्तीसगढ़ में भी बड़ा एक्सन
राज्य में 102 जगहों पर एक साथ रेड की गई। कुल 741 सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें रायपुर में अकेले 392 सिलेंडर शामिल मिले। होर्डिंग करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ऑनलाइन बुकिंग के दौरान लोगों को सिलेंडर मिल नहीं रहे हैं, जिसके चलते लोग गैस गोदाम के बाहर सुबह-सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनों में खड़े नजर आ रहे हैं।
लोगों की मार्मिक स्थिति
- ऑनलाइन बुकिंग पर सर्वर डाउन या डिलिवरी में 5-7 दिन की देरी।
- टोल-फ्री नंबर लगते ही कट जाते हैं या अमान्य दिखाते हैं।
- ईद-नवरात्रि जैसे त्योहारों के बीच संकट और गहरा गया है।
- छोटे कारोबारी और छात्र-नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा परेशान—खाना बनाने का कोई जुगाड़ नहीं।
सरकार का स्पष्ट संदेश
प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, सिर्फ अफवाहों और पैनिक से अनावश्यक बुकिंग बढ़ रही है। कालाबाजारी करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। लोग सलाह दी जा रही है कि केवल जरूरत के अनुसार बुक करें, ब्लैक में खरीदने से बचें और अफवाहों पर ध्यान न दें। ताजा अपडेट के लिए इंडेन, भारत गैस, एचपी गैस की आधिकारिक ऐप/वेबसाइट या स्थानीय जिला आपूर्ति अधिकारी से संपर्क करें।
