Uttrakhand: जो अस्पताल बना ही नहीं, उसमें हो गया बच्ची का जन्म, फर्जी जन्म प्रमाण जारी कराने का मामला
हरिद्वार, अमृत विचार। एक बच्ची का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने का अनोखा मामला सामने आया है। दिलचस्प बात यह रही कि जिस तारीख को जिस हॉस्पिटल में बच्ची का जन्म होने का दावा किया गया, उस समय तक हॉस्पिटल बना ही नहीं था। अब इस मामले में दंपती के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह के अनुसार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा दी गई आख्या में बताया गया कि शाहीन व उस्मान (दंपती) निवासी ज्वालापुर हरिद्वार द्वारा आवेदन पत्र देते हुए अनुरोध किया गया कि उनकी पुत्री का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला हरिद्वार में हुआ था, जिसका जन्म प्रमाण पत्र पूर्व में जारी हुआ था, जोकि खो गया। उसकी छाया प्रति है।
दंपती द्वारा बच्ची का आधार कार्ड अपडेट कराने में बारकोड वाला ऑनलाइन प्रमाणपत्र की आवश्यकता के चलते इस प्रमाणपत्र को ऑनलाइन कराने की मांग के आधार पर 18 फरवरी 2026 को जन्म प्रमाणपत्र ऑनलाइन करते हुए निर्गत किया गया। इस बीच शिकायत की गई कि दंपती ने अपनी पुत्री का जाली प्रमाणपत्र सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कराया गया है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला जाकर अक्षा के उक्त अस्पताल में जन्म के संबंध में जांच की गयी, तो पता चला कि वर्ष 2008 में यह हॉस्पिटल बना ही नहीं था। इससे स्पष्ट है कि दंपती ने जाली पूर्व जन्म प्रमाणपत्र की छायाप्रति प्रस्तुत कर इसे सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन कराया। उधर, जनपद में किसी तरह से कोई फर्जी प्रमाण पत्र जारी न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्व में ही सभी एसडीएम व सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
