संत परंपरा भारत की शक्ति... कैथल में बोले सीएम योगी- अफवाहों के जरिए अराजकता फैलाने की कोशिश
कैथल/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि जो लोग जनता का विश्वास खो चुके हैं और लोकतांत्रिक मुकाबले में टिक नहीं पा रहे, वे अफवाहें फैलाकर अराजकता और अव्यवस्था का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। समाज को ऐसे प्रयासों के खिलाफ एकजुट होकर 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के निर्माण में मजबूती से आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा के कैथल जिले के सौंगल गांव स्थित बाबा मुकुट नाथ मठ में ब्रह्मलीन महंत पीर गणेश नाथ जी के आठमान भंडारा, देशमेल और शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने पूजन-अर्चन कर संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आयोजन के लिए महंत पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान शेरनाथ जी को पीर की पदवी भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने जनता का भरोसा खो दिया है, वे अब देश की संवैधानिक संस्थाओं लोकसभा अध्यक्ष, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि जीतने पर उपलब्धि का श्रेय लेना और हारने पर संस्थाओं को दोष देना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
योगी ने कहा कि आजादी के बाद कई सरकारें आईं, लेकिन आस्था और सांस्कृतिक विरासत के विषय पर गंभीर पहल नहीं की गई, क्योंकि वे वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझी रहीं। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और प्रदेश में समान विचारधारा की सरकार बनी, तभी अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक और उत्तराखंड में केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के विकास जैसे कार्य भी उसी सोच का परिणाम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान भारत में नशे को बढ़ावा देकर युवाओं को कमजोर करने की साजिश कर रहा है।
समाज और संतों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए, क्योंकि नशा समाज और राष्ट्र दोनों के लिए विनाशकारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपरा भारत की शक्ति रही है और संतों के सानिध्य में सनातन धर्म की ध्वजा सदैव ऊंची रहेगी। उन्होंने कहा कि धर्मस्थल केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के भी केंद्र होते हैं, जो समाज को एकता, समरसता और कर्तव्य का संदेश देते हैं।
