लटकते हाईटेंशन तार दे रहे दुर्घटनाओं को न्योता, शिकायतों के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी के कई इलाकों में घरों और दुकानों के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइनें लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। जगह-जगह बिजली के खंभों से लटकते खुले तार और छतों के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की लाइनें दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रही हैं। कई बार शिकायतों और हादसों के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

हाल ही में बिजनौर के अयोध्यापुरी फेस-3 में एक दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। 8 फरवरी को कक्षा-6 का छात्र सौरभ दोपहर करीब एक बजे छत पर नहाने के लिए गया था। वह छत के छज्जे पर लगी स्टील की ग्रिल के पास खड़ा था। इसी दौरान पास से गुजर रही 11000 वोल्ट की बिजली लाइन में अचानक शार्ट सर्किट हो गया और तार आपस में टकराकर ग्रिल से छू गए। करंट की चपेट में आने से सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लेसा अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के साथ ही तारों को शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन घटना को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हाईटेंशन लाइन हटाने का काम शुरू नहीं किया गया। स्थानीय निवासी रामबली का कहना है कि हादसे के बाद विभाग ने घरों के ऊपर से गुजर रही लाइनों को हटाने की बात कही थी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनके घर के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की लाइन अभी तक नहीं हटाई गई है। इससे परिवार के लोग हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका से डरे रहते हैं।

ऐसा ही एक मामला मड़ियांव के भरत नगर इलाके में भी सामने आ चुका है, जहां करीब छह महीने पहले छत पर काम करते समय घर के पास से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। केवल बिजनौर और मड़ियांव ही नहीं, बल्कि राजधानी के कई इलाकों में बिजली के तार घरों और दुकानों के इतने करीब हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी हर समय खतरे में बनी रहती है।

महानगर छपरतला निवासी निशी ने बताया कि घर के पास लगे बिजली के पोल में लटकते तारों को देखकर उनका परिवार ही नहीं, आसपास के लोग भी डरे हुए हैं। कई बार लोग इन तारों की चपेट में आ चुके हैं। गनीमत रही कि अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग को पत्र लिखने के साथ प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन अब तक न तो पोल शिफ्ट किया गया और न ही तारों को दुरुस्त किया गया। सआदतगंज निवासी अनिता सिंह ने बताया कि घर के पास लगे पोल से बच्चों को करंट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। छत पर जाने से पहले भी बेहद सतर्क रहना पड़ता है। कई बार बिजली का करंट किसी कारण से घर के अंदर रखे सामान तक पहुंच जाता है, जिससे हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है। वहीं मनकामेश्वर डालीगंज निवासी रिंकू श्रीवास्तव का कहना है कि उनके घर से सटा हुआ बिजली का पोल लगा है। नीचे उनकी परचून की दुकान है और ऊपर परिवार रहता है। छत के ऊपर से गुजर रही लाइन और नीचे पोल पर तारों का जंजाल होने के कारण न केवल परिवार बल्कि दुकान पर आने वाले ग्राहकों की जिंदगी भी खतरे में रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

छतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों और घरों-दुकानों के पास लगे पोल या एंगल को हटाने के लिए शिकायतें मिलती हैं। इसके लिए विभाग की ओर से शिफ्टिंग चार्ज निर्धारित किया गया है, जिसे उपभोक्ता को जमा करना होता है। फिलहाल विभाग के पास इन तारों और पोलों को हटाने की कोई विशेष योजना नहीं है।

रामकुमार, मुख्य अभियंता अमौसी जोन

 

संबंधित समाचार