पोस्ट-पार्टम हेमरेज मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक... देखें क्या बोले एक्सपर्ट
लखनऊ, अमृत विचार : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, ट्रान्सफ्यूजन मेडिसिन विभाग और आईएसए लखनऊ सिटी ब्रांच के सहयोग से पोस्ट-पार्टम हेमरेज पर सीएमई-कम-वर्कशॉप का आयोजन किया।
कार्यक्रम की आयोजक प्रो ममता हरजाई ने बताया कि प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्ट-पार्टम हेमरेज) मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इस गंभीर समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने और चिकित्सा विशेषज्ञों को नवीनतम उपचार पद्धतियों से अवगत कराने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई।
6.png)
एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो प्रवीण कुमार दास ने कहा कि समय पर पहचान और उचित उपचार से प्रसवोत्तर रक्तस्राव की जटिलताओं व मातृ मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में रोगियों का प्रभावी उपचार कर सकें।
कार्यक्रम में देशभर से लगभग 150 चिकित्सक और पैरामेडिक्स ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने प्रसवोत्तर रक्तस्राव की पहचान, त्वरित प्रबंधन, आधुनिक उपचार तकनीकें और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी निर्णय लेने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
