नारी शक्ति के बिना संसार की कल्पना असंभव : संदीप सिंह

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि नारी शक्ति के बिना संसार की कल्पना असंभव है और आज बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति के श्लोक "यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता" का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। 

रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर दयाल गेटवे (आडिटोरियम) किसान बाजार, गोमतीनगर में "प्रगति: आत्मसम्मान से समानता तक - बाल उत्सव" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं के आत्मसम्मान, समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। 

इस अवसर पर बच्चों द्वारा तैयार की गई कॉमिक पुस्तकों, मीना मंच की पूर्व बालिकाओं की प्रेरक सफलता कहानियों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से संबंधित केस स्टडी बुकलेट का विमोचन किया गया। आने सम्बोधन में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से 12वीं कक्षा तक उच्चीकृत किया जा रहा है और 826 विकास खंडों में नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि पिछले दो दशकों में उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 

उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता है कि बालिकाओं की भागीदारी विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) जैसे विषयों में भी और अधिक बढ़ाई जाए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि मीना मंच और अन्य शैक्षिक पहलों के माध्यम से बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता का विकास हो रहा है। 

उन्होंने छात्राओं को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने, तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। यूनिसेफ उत्तर प्रदेश के प्रमुख जचार्य एडम ने कहा कि "प्रगति" कार्यक्रम बालिकाओं की क्षमता, रचनात्मकता और नेतृत्व का उत्सव है। 

उन्होंने कहा कि समावेशी और लैंगिक संवेदनशील शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए यूनिसेफ उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 850 छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर शिक्षण सामग्री, रचनात्मक गतिविधियों, नेतृत्व विकास और करियर परामर्श से जुड़े 23 विषयगत स्टॉल भी लगाए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। 

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