भाजपा सांसद के 'भड़काऊ' बयान पर मुस्लिम समुदाय ने की संयम बरतने की अपील, जानें पूरे मामला
अलीगढ़। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज के लिए प्रदर्शनी मैदान की जगह दिए जाने के मामले पर अलीगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सतीश गौतम की ताजा टिप्पणी के बाद संयम बरतने की अपील की है। मुस्लिम समुदाय के प्रमुख लोगों ने इसे भाजपा सांसद का एक और 'भड़काऊ और बेतुका' बयान करार देते हुए इस पर कोई विशेष प्रतिक्रिया देने से परहेज किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
गौतम ने ईद पर लोगों को प्रदर्शनी मैदान में नमाज पढ़ने की अनुमति देने की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के एक स्थानीय नेता की मांग के बारे पूछे जाने पर रविवार को पत्रकारों से कहा था कि उन्हें ऐसे त्योहारों में कोई दिलचस्पी नहीं है। सांसद ने कहा था, "मुझे नहीं पता कि ईद या रमजान क्या होता है। मुझे इनमें बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है।"
उन्होंने नमाज पढ़ने के लिए अतिरिक्त जगह की जरूरत पर सवाल उठाते हुए यह आरोप भी लगाया था कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान जमीन के बड़े हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। गौतम ने कहा था, "उन्हें मैदान देने की कोई जरूरत नहीं है। उनके पास नमाज के लिए ईदगाह है।" गौतम ने कहा था कि मौजूदा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के मुख्य लाभार्थियों में मुस्लिम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "उन्हें उनके हक से ज्यादा मिल रहा है, तो अब वे हमसे और क्या चाहते हैं?"
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सांसद सतीश गौतम अक्सर 'बेतुके और भड़काऊ बयान' देते रहते हैं और हिंदू तथा मुस्लिम दोनों ही समुदायों के लोग शांति बनाए रखने के लिये जान-बूझकर ऐसे बयानों को नजरअंदाज कर रहे हैं। अलीगढ़ शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस के नेता इम्तियाज ने आरोप लगाया कि इन बयानों का मकसद भाजपा की नगर इकाई में जारी आपसी झगड़ों से लोगों का ध्यान भटकाना है।
अलीगढ़ के पूर्व महापौर मोहम्मद फुरकान ने भी भाजपा सांसद के 'भड़काऊ' बयान पर संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि यह 'संतोषजनक' बात है कि दोनों समुदायों के लोगों ने समझदारी दिखाते हुए इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। नयी दिल्ली स्थित 'इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर' के उपाध्यक्ष फुरकान ने कहा कि हाल ही में होली का त्यौहार और अलविदा की नमाज बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और जिला प्रशासन ने इसके लिए बहुत अच्छे इंतजाम किए थे।
उन्होंने कहा, "अब यह राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि ईद का त्योहार भी इसी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाए।" अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने कहा कि वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर हस्तक्षेप की मांग करेंगे और उसमें आरोप लगाएंगे कि सांसद की टिप्पणियों ने देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान की भावना का उल्लंघन किया है।
हालांकि, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ निर्वाचित सदस्य और प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि एसोसिएशन "राजनेताओं के बयानों से पैदा होने वाले विवाद को हवा देना" नहीं चाहता। इस बीच, जिले के अधिकारियों ने कहा कि वे ईद के मौके पर शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
