सुलतानपुर : जमीनी विवाद में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह व उनके बेटे समेत आठ को जेल

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Published By Deepak Mishra
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सुलतानपुर। सुलतानपुर जिले के अखण्डनगर थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट और फायरिंग करने के आरोप में पूर्व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राणा अजीत प्रताप सिंह और उनके पुत्र समेत आठ लोगों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सोमवार शाम सभी को जेल भेज दिया गया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिले के कल्याणपुर निवासी जिलाजीत यादव ने अखंडनगर थाना प्रभारी को दी शिकायत में बताया कि उनका गांव के अरविंद यादव पुत्र रामदीन यादव से पुराना जमीनी विवाद चल रहा है। 

शिकायत के अनुसार इसी विवाद के चलते राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत सिंह, अरुण सिंह (रतनपुर, मैरवा निवासी), अमन यादव, आनंद यादव, अरविंद यादव (कल्याणपुर निवासी), सतीश सिंह, अमित सिंह (चंदीपुर निवासी) और हलचल तिवारी (नेमपुर, अंबेडकरनगर निवासी) समेत कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया था। 

जिलाजीत यादव ने आरोप लगाया कि हमलावर पिस्टल, रिवाल्वर और लाठी-डंडों से लैस थे और उन्होंने जान से मारने की नीयत से हमला करते हुए फायरिंग भी की, जिससे कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। इस मामले में चारु निगम ने अखंडनगर के एसओ संत कुमार सिंह को निलंबित कर दिया था। 

पुलिस ने रविवार देर रात राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत सिंह, आदित्य सिंह, विक्कू सिंह उर्फ शिवा, अभिषेक प्रताप सिंह, रितिक राय, अजय प्रताप सिंह और संजीत यादव को गिरफ्तार किया। अखंडनगर थाने पर विरोध बढ़ने के बाद सभी आरोपियों को कोतवाली नगर स्थानांतरित कर दिया गया था।

नगर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां नवनीत सिंह ने उन्हें 23 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। सौरभ सांवन्त ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद सभी आठ आरोपियों को पुलिस सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।  

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